हिमाचल में बाढ़ का असर: निर्माणाधीन शोंगटोंग जल परियोजना के बैराज में घुसा बाढ़ का पानी
रिकांगपिओ: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिला में सतलुज नदी में अचानक पानी का स्तर बढ़ गया है। इससे बाढ़ जैसे हालात बन गए। यह स्थिति भारी बारिश नहीं, बल्कि गर्मी के बाद तेजी से ग्लेशियर पिघलने की वजह से उत्पन्न हुई है। सतलुज में बाढ़ के बाद 450 मेगावाट की निर्माणाधीन शोंगटोंग कड़छम जल विद्युत परियोजना के बैराज को इससे नुकसान पहुंचा है। अब परियोजना निर्माण में अपने निर्धारित समय से अधिक समय लग सकता है। निर्माण कार्य में हुई देरी से अब तक जहां प्रदेश सरकार को रॉयल्टी के रूप में करोड़ों रुपए की चपत लगी है, वहीं प्रभावित पंचायतों को भी इसका भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है । हालांकि कुछ माह से परियोजना निर्माण ने अपनी रफ्तार पकड़ी थी मगर अब सतलुज के जलस्तर बढऩे से निर्माण कार्य पर ब्रेक लग गया है। जलस्तर बढऩे से पोवारी के पास निर्माणाधीन डेम साइड (बैराज) का कार्य प्रभावित हुआ है।
सतलुज का पानी डैम साइड के निर्माणाधीन बैराज के ऊपर से बह रहा है । साइट से मलबा निकालने के लिए बनाया गया वैकल्पिक मार्ग भी पूरी तरह ढह गया है । गौर रहे कि एचपीपीसीएल के इस परियोजना का निर्माण पटेल कंपनी कर रही है। सवालों के घेरे में रही इस परियोजना का डैम साइड बैराज का कार्य समय पर पूरा नहीं होने से एक बार फिर सतलुज के जलस्तर बढऩे से कार्य प्रभवित हुआ है। डीसी किन्नौर डा. अमित कुमार शर्मा ने कहा कि हर वर्ष की तरह मानसून एवं बर्फ पिगलने से सतलुज का जलस्तर बढ़ा है। जलस्तर बढऩे से एचपीपीसीएल के बैराज साइड पर सतलुज का जलस्तर एक सेफ्टी मेकेनिजम से ऊपर चला गया है।
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