शिवसेना ने किया वन विभाग कार्यालय का घेराव और चक्का जाम
किसानों के उत्पीडऩ के खिलाफ हुआ प्रदर्शन, मुख्य वन संरक्षक को सौंपा ज्ञापन
छतरपुर। सोमवार को जिला मुख्यालय पर शिवसेना की जिला इकाई ने वन विभाग द्वारा किसानों के कथित उत्पीडऩ और पैतृक भूमि पर नाजायज कार्रवाई के विरोध में वन विभाग कार्यालय का घेराव किया और सड़कों पर चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। इस दौरान सैकड़ों परेशान किसान भी साक्ष्यों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए।
शिवसेना जिला प्रमुख मुन्ना तिवारी और नीतेश तिवारी ने बताया कि वन विभाग द्वारा भूमि स्वामियों और पैतृक भूमि पर काबिज किसानों को लगातार परेशान किया जा रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि मध्यप्रदेश भू-अधिनियम 1959 के तहत दर्ज भूमि स्वामियों की जमीन से वन विभाग तत्काल कब्जा हटाए, जबरन हटाए गए किसानों को उनकी जमीन वापस दी जाए, और उत्पीडऩ बंद हो। इसके अलावा, अवैध वसूली और धमकाने वाले वन कर्मियों पर कार्रवाई, गैर-पट्टाधारी भूमियों पर खसरा नंबर सहित नोटिस जारी करने, और वन विभाग के नक्शे में लाल लाइन हटाकर नए सिरे से भूमि पंजीकरण की मांग की गई। पैतृक और पट्टाधारी भूमि पर वन विभाग का आधिपत्य खत्म करने और किसानों को बुवाई की अनुमति देने की भी मांग उठाई गई। प्रदर्शन में शामिल किसानों ने साक्ष्यों के साथ अपनी समस्याएँ उजागर कीं। शिवसेना ने मुख्य वन संरक्षक को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि यदि एक माह में मांगें पूरी नहीं हुईं, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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