4 साल की अबोध बालिका से दुष्कर्म, कोर्ट ने आरोपी को 20 साल सश्रम कारावास और 5 हजार जुर्माने की सजा सुनाई
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अबोध बालिका से दुष्कर्म के आरोपी यशवंत कुमार भुआर्य उर्फ अश्वन पिता नेतनराम भुआर्य (24) थाना मंगचुवा को लैंगिक अपराध की धारा 4 (2) के तहत 20 का सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही दो हजार रुपए का अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, एफटीएससी (पॉक्सो) बालोद कृष्ण कुमार सूर्यवंशी ने सुनाया।
कोर्ट का फैसला
विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) बसंत कुमार देशमुख के अनुसार 8 जनवरी 2024 को पीड़िता की माता ने थाना मंगचुवा में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। 31 दिसंबर 2023 को सुबह 10 बजे अपनी अबोध पुत्री को कमरे में खाट में सुलाया। उसी समय आरोपी पुत्री को उठाकर ले जाने लगा, तब उसने कहा कि बच्ची अभी सोई है। उसे मत उठाओ। आरोपी ने कहा कि बच्ची को ऐसे ही उठा रहा हूं और उसे ले गया। मेरे जेठ ने भी मना किया, लेकिन वह नहीं माना। कुछ देर के बाद बैल को पैरा देने गली तरफ गई तो बच्ची के रोने की आवाज आई।
उसने देखा कि आरोपी बाड़ी से लगे जंगल में बच्ची को ले गया और दुष्कर्म किया। उसके बदा बच्ची को कमरे में सुलाकर भाग गया। इसकी जानकारी अपने पति को दी। लिखित शिकायत पर मंगचुवा थाने में धारा 376 (1) (2) एवं संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 4 (2) के तहत अपराध दर्ज किया गया। विवेचना के बाद अभियोग पत्र 28 फरवरी 2024 को प्रस्तुत किया गया। विवेचना उपनिरीक्षण उमा ठाकुर एवं उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार कंवर ने की।
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