एमपी में शुरू हुई नई योजना, लाभार्थियों को मिल रही है बड़ी कमाई का अवसर
भोपाल। स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई के बाद युवाओं को अपने करियर कि चिंता सताने लगती है। कई बार स्किल ना होने के कारण युवाओं को नौकरी नहीं मिल पाती है। व्यवसाय शुरू करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। युवाओं की चिंता दूर करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं के जरिए महीने के लाखों रुपये तक कमा सकते हैं, इनमें से एक स्कीम है, मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना।
क्या है मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना?
मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना, मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी स्कीम है. इस योजना के माध्यम से युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके साथ ही उन्हें स्टाइपेंड दिया जाता है, आकांक्षी युवाओं को नौकरी करने और व्यवसाय के लिए सक्षम बनाया जाता है पेशे के अनुसार ट्रेनिंग दी जाती है।
2 साल पहले हुई थी शुरुआत
इस योजना का शुभारंभ 15 जून 2023 को पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने किया था. इस योजना के तहत 18 से 29 वर्ष के युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है. 1 अगस्त 2023 से विभिन्न प्रतिष्ठानों में युवाओं का प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया. युवाओं को अलग-अलग क्षेत्र में ट्रेनिंग के बाद नौकरी दिलाने में मदद की जाती है.
एक लाख रुपये तक मिलता है स्टाइपेंड
औपचारिक शिक्षा यानी स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई के बाद युवाओं को पंजीकृत औद्योगिक एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में On-the-Job-Training (OJT) की सुविधा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना’ लागू की गई है. इस योजना के तहत हर साल 1 लाख युवाओं को लाभ मिलता है. जरूरत के अनुसार इस संख्या को बढ़ाया भी जा सकता है. प्रत्येक युवा को राज्य शासन द्वारा 1 लाख रुपये तक का स्टाइपेंड भी दिया जाता है.
इन सेक्टर्स में दी जाती है ट्रेनिंग
योजना के तहत इंजीनियरिंग, होटल मैनेजमेंट, टूरिज्म एंड ट्रेवल, हॉस्पिटल, रेलवे, ITI, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, सिविल, मैनेजमेंट एंड मार्केटिंग फील्ड, बैंकिंग, बीमा, चार्टर्ड एकाउंटेंट, वित्तीय सेवाओं, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट क्षेत्र और उद्योग में ट्रेनिंग दी जाती है.
योजना के लिए क्या है पात्रता?
- जिन युवाओं की आयु 18 से 29 वर्ष है
- मध्य प्रदेश के स्थानीय निवासी होने चाहिए
- एजूकेशन- 12वीं पास/आईटीआई उत्तीर्ण या कॉलेज
किसे कितना स्टाइपेंड मिलेगा?
ट्रेनिंग के दौरान मध्य प्रदेश सरकार प्रत्येक प्रशिक्षु को स्टाइपेंड देती है
- 12वीं उत्तीर्ण पास – 8000 रुपये
- IIT उत्तीर्ण पास – 8500 रुपये
- डिप्लोमा उत्तीर्ण पास – 9000 रुपये
- स्नातक उत्तीर्ण या उच्च शैक्षणिक योग्यता – 10000 रुपये
इस योजना से युवाओं को क्या लाभ मिलेगा?
- बिजनेस ऑरिएंटेड ट्रेनिंग
- लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और लेटेस्ट प्रोसेस के जरिए ट्रेनिंग
- वोकेशनल ट्रेनिंग के दौरान स्टाइपेंड
- मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड (MPSSDEGB) द्वारा State Council for Vocational Training (SCVT) से प्रमाणन
- रोजगार के लिए स्किल विकसित होगी
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