महाभारत काल की है बाबा बालक नाथ मां वैष्णों गुफा मंदिर
चंडीगढ़। शारदीय नवरात्र में श्रद्धालु मां वैष्णो गुफा मंदिर का दर्शन कर रहे हैं। सेक्टर-31 बी के बाबा बालक नाथ मां वैष्णो गुफा मंदिर में 235 से भी अधिक प्रतिमाएं हैं। इस मंदिर में 250 मीटर में ही पूरा मां वैष्णो देवी का रूट है। गुफा का निर्माण वर्ष 1997 में हुआ था। नवरात्र में काफी संख्या में श्रद्धालु मां का दर्शन करने आते हैं। मंदिर का संचालन नाथ सत्संग सभा की ओर से होता है। सभा के चेयरमैन महंत बुधनाथ ने बताया कि यह मंदिर महाभारत काल का है। उन्होंने बताया कि नागराज गुफा, चरणपादुका, गर्भजून, अर्धकुवारी, हाथी मत्था, सांझी छत, भैरो धड़, चरण गंगा के बाद पिंडी दर्शन है। इसके बाद भैरो घाटी का दर्शन है। इस कृत्रिम गुफा में श्रद्धालुओं को लिए एसी लगाया गया है। मंदिर में शारदीय नवरात्र में ज्वाला माता का दर्शन होता है। जिस प्रकार से ज्वाला माता में जोत जलती है उसी प्रकार से मंदिर में भी है। गोबर गैस प्लांट से इसे कनेक्ट किया गया है। सुबह शाम भक्तों के लिए ज्वाला माता मंदिर को खोला जाता है। मंदिर में बाबा बालकनाथ की प्रमुख प्रतिमा है। मंदिर में शिवजी, लक्ष्मी नारायण, राधा कृष्ण, पहाड़ों के प्रसिद्ध देवता पहाड़िया दुलो महाराज, गंगाजी, अर्जुन को उपदेश देते कृष्ण, कालिया नाग, सूर्य का रथ, सप्तऋषि सहित 235 प्रतिमाएं हैं।
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