उज्जैन महाकाल मंदिर: 1 जनवरी से सुरक्षा व्यवस्था सख्त, 1000 गार्ड रहेंगे तैनात
उज्जैन | मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. देशभर से लाखों श्रद्धालु रोजाना बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासन समिति प्रबंधन करती है. इस सुरक्षा व्यवस्था में 1 जनवरी 2026 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है. मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए दिल्ली की कोर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदारी दी गई है |
1000 सिक्योरिटी रहेंगे तैनात
पहले महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा क्रिस्टल और केएसएस कंपनी के पास था, जिसके साथ कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गया है. अब दिल्ली की कोर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के पास मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा होगा. पहले जहां 700 सुरक्षा कर्मी तैनात रहते थे, अब इनकी संख्या 1000 होगी |
आधुनिक उपकरण से लैस होगी सुरक्षा एजेंसी
इस बार सुरक्षा एजेंसी को टर्म और कंडीशन के साथ जिम्मेदारी दी गई है. सभी सुरक्षा कर्मी ड्रेस कोड में रहेंगे. इसके साथ ही सिक्योरिटी गार्ड्स को हथियारों के साथ भी मांगा गया है. कंपनी को मंदिर में डोर मेटल डिटेक्टर, हैंड मेटल डिटेक्टर, वॉकी–टॉकी और हाई-स्किल्ड सुपरवाइजर व सिक्योरिटी ऑफिसर के साथ मुस्तैद रहने के लिए कहा गया है |
15 लाख से ज्यादा भक्त कर सकते हैं दर्शन
नए साल, महाशिवरात्रि और विशेष दिनों में महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं का हुजूम देखने को मिलता है. साल 2025 खत्म होने वाला है और 2026 की शुरुआत होने वाली है. नए साल के पहले दिन देश-दुनिया से भक्त दर्शन के लिए महाकाल मंदिर पहुंचते हैं. पिछले साल की बात करें तो मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 1 जनवरी 2025 को लगभग 10 लोगों ने बाबा महाकाल के दर्शन किए थे. इस बार के लिए अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब 15 लाख लोग बाबा के दर्शन कर सकते हैं |
संतों की वाणी से बेहतर जीवन का मार्ग प्रशस्त होता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बुलडोजर एक्शन पर टिप्पणी को लेकर विवाद, अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ीं
असम में जलप्रलय जैसे हालात, 50 लोगों की मौत, ऊपरी जिलों में भारी तबाही
US बेस के पास धमाकों के बाद हाई अलर्ट, वेस्ट बैंक हिंसा ने बढ़ाई बेचैनी
वार्ता का पहला दौर खत्म, इस्तीफे की मांग पर CJP और सरकार आमने-सामने
21 कर्मचारियों की बर्खास्तगी पर मचा बवाल, जेपी अस्पताल में तनावपूर्ण माहौल
अनुकंपा नियुक्ति मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, विवाहित बेटी के पक्ष में फैसला
समुद्री सीमा विवाद ने फिर बढ़ाया तनाव, चीन-फिलीपींस के बीच वॉटर कैनन बना वजह
रेल मंडल में स्काउट्स-गाइड्स की गतिविधियां तेज, टेस्टिंग कैंप का शुभारंभ