कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का बाजार पर असर
मुंबई: वैश्विक संकेतों और नेतृत्व परिवर्तन से शेयर बाजार में उत्साह, सेंसेक्स और निफ्टी की ऊंची छलांग
घरेलू शेयर बाजार के लिए बुधवार का सवेरा निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आया, जहाँ वैश्विक परिस्थितियों में सुधार और कच्चे तेल की घटती कीमतों ने बाजार को जबरदस्त सहारा दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के शांतिपूर्ण समाधान की बढ़ती उम्मीदों ने निवेशकों के आत्मविश्वास को बढ़ाने का काम किया है। इसी सकारात्मक माहौल के चलते कारोबारी सत्र के शुरू होते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी आधे प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ हरे निशान पर कारोबार करते देखे गए। बाजार की इस हरियाली के बीच भारतीय रुपया भी अपने सबसे निचले स्तर से उबरने में सफल रहा और डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ 94.99 के स्तर पर पहुँच गया।
सेंसेक्स और निफ्टी के आंकड़ों में जोरदार बढ़त
बाजार खुलते ही चौतरफा खरीदारी का दौर शुरू हो गया जिससे सेंसेक्स ने 600 अंकों से अधिक की छलांग लगाते हुए 77,675 का आंकड़ा छू लिया, जबकि निफ्टी भी 200 से अधिक अंकों की मजबूती के साथ 24,250 के पार निकल गया। निवेशकों ने प्रमुख सूचकांकों में आई इस तेजी को हाथों-हाथ लिया और शुरुआती कारोबार में ही बाजार की पूंजी में बड़ा इजाफा देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत का संकेत है, जिससे मुद्रास्फीति का दबाव कम होने की उम्मीद में बाजार ने इस शानदार रैली को बरकरार रखा।
वोडाफोन आइडिया के नेतृत्व में बड़ा बदलाव और शेयरों में तेजी
शेयर बाजार की इस व्यापक तेजी के बीच दूरसंचार क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वोडाफोन आइडिया ने निवेशकों का विशेष ध्यान खींचा क्योंकि कंपनी के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ है। दिग्गज उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला की लगभग पांच वर्षों के अंतराल के बाद गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में वापसी हुई है, जिसे बाजार ने एक मजबूत संकेत के रूप में स्वीकार किया। उनके दोबारा कमान संभालने की खबर से कंपनी के शेयरों में 3.2 प्रतिशत तक का उछाल दर्ज किया गया और शेयर 11.15 रुपये के स्तर तक पहुँच गए। बिड़ला ने पूर्व में कंपनी के वित्तीय संकट के समय पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन अब उनकी घर वापसी से कंपनी के भविष्य को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।
बाजार के भविष्य और वैश्विक परिस्थितियों का विश्लेषण
भू-राजनीतिक मोर्चे पर आ रही सकारात्मक खबरों और कच्चे तेल के नरम होते तेवरों ने भारतीय बाजारों को एक नई और टिकाऊ दिशा प्रदान की है। कॉर्पोरेट जगत में हो रहे इन बड़े बदलावों और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता के बीच बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक स्थितियां इसी तरह अनुकूल रहीं, तो यह सकारात्मक रुझान लंबे समय तक जारी रह सकता है। वर्तमान में बाजार की पूरी नजरें अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और कच्चे तेल की आपूर्ति से जुड़ी खबरों पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में ट्रेडिंग की दिशा तय करेंगी।
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