'काला हिरण' फिल्म पर सलमान खान ने जताया कड़ा ऐतराज: मेकर्स को लीगल नोटिस भेजकर दी सख्त चेतावनी, कानूनी कार्रवाई के लिए रहें तैयार
बॉलीवुड के मेगास्टार सलमान खान और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के बीच चल रहा गतिरोध एक बार फिर सुर्खियों में है। इस पूरे विवाद की मुख्य जड़ साल 1998 का बहुचर्चित काला हिरण शिकार मामला है। अब इसी विषय पर आधारित 'काला हिरण' नामक एक फिल्म बनाई जा रही है, जिसका पहला पोस्टर 30 मई को सोशल मीडिया पर जारी किया गया था। इस कदम से नाराज सलमान खान की कानूनी टीम ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए फिल्म के निर्माता और निर्देशक को एक आधिकारिक कानूनी नोटिस (लीगल नोटिस) थमा दिया है।
फिल्म के निर्माण और प्रचार पर तुरंत रोक लगाने की मांग
सामने आई जानकारी के मुताबिक, अभिनेता सलमान खान की पैरवी कर रही लॉ फर्म 'डीएसके लीगल' ने कास्टिंग डायरेक्टर अक्षय पांडे और उनसे जुड़े पक्षों को यह कानूनी नोटिस भेजा है। इस नोटिस में साफ तौर पर मांग की गई है कि आगामी फिल्म 'काला हिरण' के निर्माण, शूटिंग और इसके किसी भी तरह के प्रचार-प्रसार पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। अभिनेता की टीम का आरोप है कि यह पूरा प्रोजेक्ट सीधे तौर पर सलमान खान के जीवन से जुड़े शिकार मामले से प्रेरित है, जो न सिर्फ अभिनेता की छवि और शोहरत को धूमिल कर सकता है बल्कि अदालत में चल रही कार्यवाही को भी प्रभावित कर सकता है।
बिना अनुमति अभिनेता के नाम और जीवन की घटनाओं के इस्तेमाल का आरोप
कानूनी नोटिस में कास्टिंग डायरेक्टर अक्षय पांडे पर बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। नोटिस के अनुसार, सलमान खान की टीम को यह सूचना मिली थी कि अक्षय पांडे कथित रूप से विभिन्न कलाकारों से संपर्क कर रहे थे और उनके सामने यह दावा कर रहे थे कि इस फिल्म की पटकथा सुपरस्टार सलमान खान के काले हिरण मामले पर ही आधारित है। नोटिस में दोटूक शब्दों में स्पष्ट किया गया है कि सलमान खान ने अपने नाम, व्यक्तित्व (पर्सनालिटी राइट्स) या अपने जीवन से जुड़ी किसी भी कथित घटना को फिल्मी पर्दे पर दिखाने की कोई लिखित या मौखिक अनुमति नहीं दी है।
अदालत में लंबित है मामला, 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की चेतावनी
सलमान खान की लीगल टीम ने तर्क दिया है कि काले हिरण के शिकार का यह संवेदनशील मामला वर्तमान में राजस्थान उच्च न्यायालय (हाई कोर्ट) में विचाराधीन है। ऐसे में इस विषय पर कोई भी फिल्म या डाक्यूमेंट्री बनाना न्याय प्रशासन के काम में सीधे तौर पर दखल देने जैसा होगा, जो अभिनेता के निष्पक्ष सुनवाई के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन करता है। नोटिस में कड़ी चेतावनी देते हुए कहा गया है कि अक्षय पांडे और संबंधित टीम अपनी सभी फिल्मी गतिविधियों को तुरंत बंद करें और 24 घंटे के भीतर बिना शर्त लिखित में माफी मांगें। यदि इस समय सीमा में आदेश का पालन नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ दीवानी (सिविल) और फौजदारी (क्रिमिनल) कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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