गुजरात से पीएम मोदी का संदेश, सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारत की तेज प्रगति का दावा
गुजरात। वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के मानचित्र पर भारत ने आज एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। सेमीकंडक्टर (चिप) के क्षेत्र में देश की तीव्र प्रगति और वैश्विक निर्भरता को कम करने के प्रयासों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार द्वारा बीते कुछ समय में लिए गए क्रांतिकारी नीतिगत निर्णयों की सराहना की। गुजरात के साणंद में आयोजित एक भव्य और उच्च-स्तरीय औद्योगिक कार्यक्रम के दौरान देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने गर्व के साथ कहा, "आज का यह विशेष कार्यक्रम इस वैश्विक सच्चाई का जीवंत प्रमाण है कि नया भारत जो एक बार ठान लेता है, उसे समय-सीमा के भीतर धरातल पर करके भी दिखाता है।"
पांच वर्ष पूर्व लिया गया आत्मनिर्भरता का संकल्प आज हुआ साकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के इस तकनीकी सफर को याद करते हुए कहा कि करीब पांच वर्ष पहले भारत सरकार ने यह दूरदर्शी संकल्प लिया था कि देश को केवल चिप का आयातक नहीं, बल्कि दुनिया का एक प्रमुख सेमीकंडक्टर हब (Semiconductor Hub) बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हम देश में 'डिजाइन इन इंडिया' (Design in India) और 'मेक इन इंडिया' (Make in India) के मूलमंत्र को लेकर पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़े हैं। इसी कूटनीतिक रोडमैप का परिणाम है कि आज देश के तीसरे सबसे बड़े अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर प्लांट में भी चिप पैकेजिंग का कमर्शियल प्रोडक्शन (व्यावसायिक उत्पादन) पूरी गति के साथ शुरू होने जा रहा है, जो आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर 'मेड इन इंडिया' चिप की आपूर्ति को सुदृढ़ करेगा।
तकनीकी महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर भारत: प्लांट की मुख्य विशेषताएं और दूरगामी प्रभाव
इस ऐतिहासिक कमर्शियल प्रोडक्शन के शुरू होने से न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश के औद्योगिक परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। इस प्लांट से जुड़े कुछ बेहद महत्वपूर्ण बिंदु इस प्रकार हैं:
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वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में बढ़ेगा दबदबा: साणंद के इस प्लांट में कमर्शियल चिप पैकेजिंग शुरू होने से ऑटोमोबाइल, स्मार्टफोन, डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स और एआई (AI) उद्योगों के लिए भारत की विदेशी निर्भरता (विशेषकर ताइवान और चीन पर) काफी हद तक कम हो जाएगी।
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हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर: इस हाई-टेक परियोजना के पूरी तरह क्रियान्वित होने से देश के इंजीनियरों, शोधकर्ताओं और तकनीकी रूप से कुशल हजारों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से उच्च-स्तरीय रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
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विदेशी निवेश (FDI) के लिए खुला नया मार्ग: भारत के इस मजबूत होते इकोसिस्टम को देखकर दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियां अब भारत में अपनी विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश करने को आकर्षित हो रही हैं।
डिजिटल इंडिया के विजन को मिलेगी अभूतपूर्व गति
कार्यक्रम के समापन सत्र में प्रधानमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सेमीकंडक्टर का यह आत्मनिर्भर मॉडल भारत के 'डिजिटल इंडिया' (Digital India) अभियान की रीढ़ साबित होगा। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में देश को दुनिया के शीर्ष तीन चिप निर्माता देशों की कतार में खड़ा करना है। साणंद में शुरू हुआ यह कमर्शियल प्रोडक्शन इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारत अब केवल वैश्विक तकनीकों का उपभोक्ता नहीं रहा, बल्कि वह दुनिया को अत्याधुनिक तकनीक की आपूर्ति करने वाला एक सशक्त वैश्विक लीडर बनने की राह पर मजबूती से कदम बढ़ा चुका है।
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