छतरपुर। जिले के कुपी के समीप बराना नदी पर केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित अन्य सिंचाई परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे चिता आंदोलन को रविवार सुबह जिला प्रशासन ने समाप्त करा दिया। सुबह करीब 5 बजे भारी पुलिस बल आंदोलन स्थल पहुंचा और आमरण अनशन पर बैठे आंदोलन के नेतृत्वकर्ता अमित भटनागर को हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं अन्य आंदोलनकारियों को सुरक्षित उनके गृह जिला पन्ना भेज दिया गया।
बताया गया कि आंदोलन 16वें दिन में प्रवेश कर चुका था, जबकि अमित भटनागर का आमरण अनशन 13वें दिन चल रहा था। आंदोलनकारियों का कहना था कि वे अपनी मांगों को लेकर अंतिम समय तक डटे रहेंगे। इससे पहले अमित भटनागर ने प्रशासन की कार्रवाई और गिरफ्तारी की आशंका के बीच कहा था कि यदि उन्हें जेल भी भेजा जाता है तो वह जेल के भीतर से भी अपना आमरण अनशन जारी रखेंगे।
प्रशासन की ओर से मौके पर पहुंचे अपर जिला दंडाधिकारी विनय द्विवेदी के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने आंदोलन स्थल को खाली कराते हुए सभी आंदोलनकारियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा। प्रशासन का कहना है कि अनशनरत व्यक्ति के स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई।
दूसरी ओर, आंदोलनकारियों का आरोप है कि उनकी मांगों पर सुनवाई करने के बजाय प्रशासन ने बलपूर्वक आंदोलन समाप्त कराया है। केन-बेतवा लिंक परियोजना से जुड़े मुद्दों को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से विरोध प्रदर्शन जारी है और अब प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
वहीं कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने कहा कि प्रशासन ने आंदोलनकारियों की मांगों को मानते हुए 5 लाख रूपए प्रति परिवार की साढ़े 12 लाख रूपए प्रति परिवार मुआवजा देने का ऐलान कर दिया है। चूंकि बारिश के कारण बराना नदी का जल स्तर बढ़ गया है ग्रामीणों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें वहां से सकुशल बसों के माध्यम से उनके पन्ना जिले ग्रामों में भेजा गया है।