RBI के बाद अब SBI ने भरा सरकार का खजाना
देश के सबसे बड़े लेंडर- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने सरकार को 6,959 करोड़ रुपये का लाभांश दिया है। यह डिविडेंड पिछले वित्त वर्ष यानी 2023-24 के लिए दिया गया है। SBI चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्रेटरी विवेक जोशी की मौजूदगी में शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का डिविडेंड सौंपा।वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्स पर पोस्ट किया, 'वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए एसबीआई के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा से 6959.29 करोड़ रुपये का डिविडेंड प्राप्त किया।' एसबीआई ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 13.70 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड दिया है। यह एक साल पहले के मुकाबले अधिक है, जब 11.30 रुपये प्रति इक्विटी का डिविडेंड दिया गया था।वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान एसबीआई ने 67,085 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कंसालिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया। इससे एक साल पहले बैंक को 55,648 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था।
आरबीआई ने दिया था रिकॉर्ड डिविडेंड
इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए भारत सरकार को 2.11 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया था। इससे एक साल पहले केंद्रीय बैंक ने सरकार को 87,416 करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया था। लेकिन, इस बार आरबीआई ने सरकार को अपने इतिहास का सबसे अधिक लाभांश दिया।इससे पहले आरबीाआई ने सबसे ज्यादा डिविडेंड वित्त वर्ष 2018-19 के लिए दिया था। उस दौरान कुल 1,76,051 करोड़ रुपये का लाभांश केंद्र को मिला था। यह कोरोना महामारी से ठीक पहले की बात है, जब अर्थव्यवस्था सुचारू ढंग से चल रही थी। लेकिन, इस बार का डिविडेंड एक साल पहले दिए गए लाभांश के दोगुने से भी अधिक है।
कांग्रेस और जहरीली हो गई, सावधान रहना होगा…गुवाहाटी में बोले PM मोदी
मासूम ने खून से लिखा पत्र, सिंधिया से लगाई न्याय की गुहार; डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग
भारत ने AI इम्पैक्ट समिट के लिए पाकिस्तान को नहीं दिया न्योता, 100 से अधिक देश होंगे शामिल!
चोले बदलने से सच नहीं छिपता – अखिलेश यादव का बयान
इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में गैंगस्टर का VIP दर्शन, नियम सिर्फ जनता के लिए?
MP में छात्र हॉस्टल से भागे, मुंबई में हीरो बनने का सपना लेकर पुलिस ने सुरक्षित बरामद किया
भीड़ ने बच्चा चोरी के शक में 5 साधुओं को जमकर पीटा, पुलिस ने बचाई जान
किसी भी मामले में जल्दबाजी नहीं, निष्पक्ष जांच जरूरी – योगी आदित्यनाथ