छतरपुर में शून्य रही दृश्यता, गढ़ीमलहरा में टकराए ट्रक
छतरपुर। पूरा जिला इन दिनों भीषण ठंड की चपेट में है और आम जनजीवन लगातार अस्त-व्यस्त है। हालात इतने खराब हैं कि सुबह के वक्त सड़कों पर दृश्यता शून्य हो रही है। इतना ही नहीं ठंड का प्रकोप ऐसा है कि मंगलवार को नौगांव का वह तापमापी यंत्री भी खराब हो गया, जिसमें एक दिन पहले सोमवार को 1 डिग्री पारा दर्ज हुआ था। घने कोहरे के कारण जिले में लगातार सड़क हादसे भी हो रहे हैं। रविवार को चंद्रनगर कस्बे में और सोमवार को बकस्वाहा में यात्री बसें कोहरे के कारण दुर्घटनाग्रस्त हुई थीं, जबकि मंगलवार को गढ़ीमलहरा में कोहरे के ही कारण दो ट्रक आपस में टकरा गए। हालांकि किसी भी हादसे में जनहानि नहीं हुई है। जिले में पड़ रही भीषण ठंड के चलते कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के विद्यार्थियों का दो दिन के लिए अवकाश घोषित किया है।
नौगांव के तापमान ने छुआ ऐतिहासिक स्तर
जिले के नौगांव में जब तापमान ने 1 डिग्री सेल्सियस के ऐतिहासिक स्तर को छुआ, तो प्रशासन और विभाग के लिए इन आंकड़ों पर यकीन करना मुश्किल हो गया। सालों से मध्य प्रदेश के सबसे ठंडे शहर का खिताब रखने वाले नौगांव की ठंड इस बार विभाग की फाइलों में संदिग्ध मान ली गई है। दरअसल नौगांव में रविवार और सोमवार को पड़ी भीषण ठंड के बाद जब न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, तो सागर स्थित मौसम कार्यालय ने इसे तकनीकी त्रुटि करार देते हुए तापमापी मशीन को ही तलब कर लिया। विभाग का तर्क है कि तापमान में इतनी गिरावट संभव नहीं है, जबकि स्थानीय निवासी दोपहर तक छाए घने कोहरे के बीच इस हाड़ कंपाने वाली ठंड को सीधे तौर पर महसूस कर रहे हैं। सरकारी मशीनरी पर कटाक्ष करते हुए लोगों का कहना है कि अब ठंड केवल उनके अनुभव में बची है, कागजों में नहीं। जब तक मशीन सुधरकर वापस नहीं आती, तब तक नौगांव की रिकॉर्ड तोड़ ठंड का कोई सरकारी गवाह नहीं होगा।
खजुराहो में 50 मीटर रही दृश्यता, कोहरे के आगोश में समाए विश्व प्रसिद्ध मंदिर
वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी खजुराहो भी मंगलवार को भीषण ठंड और घने कोहरे की चपेट में रही। कोहरे की सघनता इतनी अधिक थी कि सड़कों पर दृश्यता घटकर मात्र 50 मीटर रह गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि खजुराहो में मौसम का मिजाज सोमवार रात से ही बिगडऩा शुरू हो गया था, रात करीब 9 बजे से ही घने कोहरे ने पूरे शहर को अपनी आगोश में ले लिया। मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थिति यह रही कि सूरज के दर्शन नहीं हुए और चारों ओर धुंध छाई रही। हालांकि भीषण ठंड के बावजूद खजुराहो पहुंचने वाले देशी-विदेशी सैलानियों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। सैलानी कोहरे की चादर में लिपटे मंदिरों का दीदार करते रहे। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दो-तीन दिनों तक कोहरे का यही दौर जारी रहेगा और धूप निकलने में देरी होगी।