घंटाई मंदिर की आर्कियोलॉजिकल विभाग द्वारा की जा रही उपेक्षा
खजुराहो। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के द्वारा खजुराहो के पुरानी बस्ती स्थित घंटाई मंदिर की घोर उपेक्षा की जा रही है, मंदिर के आसपास के हालातो को देखकर यह साबित होता है कि इस स्थल की कोई भी सुध लेने वाला नहीं है । विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी खजुराहो जो कि यहां के चंदेल कालीन मंदिरों को रखरखाव करने हेतु भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के जुम्मे है लेकिन इस विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से कई बार मौखिक आधार पर शिकायत करने के बावजूद भी खजुराहो के घंटाई मंदिर की दुर्दशा बद से बदतर है, कई वर्षों पूर्व से इस मंदिर के आसपास की जमीन को एक्वायर करने की कवायद शुरू हुई थी और काफी बड़ी मात्रा में उक्त जमीन का अधिग्रहण भी किया गया था लेकिन अधिग्रहण की गई जमीन खुले तौर पर पड़ी होने के कारण इस स्थल में लोगों के द्वारा जहां अतिक्रमण किया जा रहा है तो वहीं उक्त खुली जमीन का लोग उपयोग शौच क्रिया के लिए भी कर रहे हैं तथा मंदिर के आसपास कूड़े कचरो का ढेर लगाकर यह बदबूदार स्थल पर्यटन की दृष्टिकोण से बहुत ही दयनीय स्थिति में है।
कुछ दिनों पूर्व भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के मुख्य अधीक्षक शिवाकांत बाजपेई से अधिमान्य पत्रकार राजीव शुक्ला के द्वारा मौखिक तौर पर शिकायत भी की थी जिसको लेकर उन्होंने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को उक्त इस मामले को लेकर निर्देशित भी किया था लेकिन कुछ हो नहीं सका, इसके पूर्व भी डॉक्टर सुजीत नयन (पुरातत्व अधीक्षक) से भी घंटाई मंदिर को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी लेकिन उनके द्वारा भी कुछ नहीं किया गया, लगातार इस स्थल की उपेक्षा को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि विभाग के द्वारा हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के स्वच्छता अभियान को इन अधिकारियों के द्वारा लगातार ठेंगा दिखाया जा रहा है। विभाग के द्वारा अगर खजुराहो के घंटाई मंदिर के आसपास अधिग्रहण की गई जमीन पर सुंदर बाग बगीचे बना दिए जाएं तो इस स्थल की सुंदरता में चार चांद लग जाएंगे तथा आने वाले पर्यटक जो की नाक दबाकर यहां से वापस चले जाते हैं वह इस स्थल में आकर कुछ समय बिताएंगे और पुरानी बस्ती के लोगों को भी एक सुंदर स्थल प्राप्त हो जाएगा, पुरानी बस्ती निवासी गणेश भूषण अवस्थी ने बताया कि यहां पर्यटक तो आते हैं लेकिन यहां की दुर्दशा और गंदगी को देखकर वापस चले जाते हैं उन्होंने मांग की है की विभाग के द्वारा अगर यहां साफ सफाई करके स्थल को सुंदर बनाया जाए तो बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आने लगेंगे।
विदित हो की खजुराहो के चंदेल कालीन मंदिर जो की हजार वर्ष से भी अधिक पुराने हैं, यहां के मंदिरों की रखरखाव भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के द्वारा किया जाता है और खजुराहो जो कि विश्व धरोहर सूची में भी सम्मिलित है ऐसी स्थिति में यहां देसी और बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी यहां के मंदिरों की शिल्प कला को देखने के लिए आते हैं लेकिन वर्तमान में वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा की जा रही इस स्थल की घोर उपेक्षा निश्चित रूप से चिंतनीय विषय है जिसको लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बाद अब केंद्र सरकार मैं मंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारीयो को भी इस समस्या से अवगत कराया जाएगा जिससे कि हमारी यह धरोहर सुरक्षित और दर्शनीय बने रहे।
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