कतकारियों और कलाकारों के बीच गीत-संगीत के साथ जमकर हुई नोकझोंक
छतरपुर। कृष्ण भक्ति के कार्तिक मास में महिलाएं कार्तिक स्नान कर भक्ति में लीन है। ईशानगर क्षेत्र में कृष्ण की कृपा पाने के लिए महिलाएं भगवान का व्रत करती हैं और ब्रह्म मुहूर्त में ही पवित्र नदी में, तालाब में स्नान कर भगवान की पूजा अर्चना कर रही हैं।
कार्तिक मास में कृष्ण भक्त महिलाओं को ग्वाल रूपी भक्तों द्वारा मार्ग में रोक कर उन्हें भजन कीर्तन के साथ छेड़छाड़ करने और फिर उन्हें उपहार देने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इसी परंपरा को निभाते हुए श्री रामराजा मंदिर समिति द्वारा आज सुबह कतकारियों को भजन कीर्तन कर श्री रामराजा मंदिर प्रांगण में रोका गया जहां पर भजन कीर्तन कर जमकर नोकझोंक हुई।
इस दौरान भगवान श्री कृष्ण को खोजने के लिए इधर-उधर भटक रही सभी कतकारियों को श्री कुमकुम से तिलक व सिंगार भेंट कर सभी के साथ नृत्य कर उत्साहवर्धन करते हुए फलहार वितरित किया गया। साथ ही इस आयोजन में आमंत्रित करने के लिए क्षेत्र के लोगों का मंदिर समिति द्वारा आभार व्यक्त किया गया।
इस दौरान महिलाओं और कलाकारों ने भजन कीर्तन की प्रस्तुतियां दी एक दूसरे के भजनों के माध्यम से जमकर नोकझोक हुई। इस दौरान ईशानगर पुलिस स्टाफ, मंदिर पुजारी, भजन मंडली मिठाईलाल यादव, संतोष यादव, भारत नामदेव, लक्ष्मी प्रसाद किंकर गुप्ता, छत्रपाल उर्फ बटरी यादव, महिला मंडल में गीता असाटी, जमुना देवी असाटी सहित सैकड़ो की तादाद में महिलाएं वह पुरुष इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।
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