गांधी आश्रम में बच्चों ने किया बापू को याद
छतरपुर। बुधवार को शहर के गांधी स्मारक निधि में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर सुबह शहर के प्रमुख मार्गों से प्रभातफेरी निकाली गई और इसके बाद गांधी आश्रम में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
गांधी आश्रम की प्रमुख दमयंती पाणी ने कहा कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री की भी जयंती है। गांधी जी का जन्मदिन विश्व अहिंसा दिवस के रूप में पूरे विश्व में मनाया जाता है। इसी तरह शहर के गांधी स्मारक निधि में भी गांधी जयंती मनाई गई। इस मौके पर स्कूली बच्चे यहां उपस्थित हुए और उन्होंने गांधी जी को याद कर उनके चरित्र को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लिया। सुबह शहर में प्रभात फेरी निकाली गई। इसके बाद सर्वधर्म के लोगों ने प्रार्थना की और उनके प्रिय भजन रघुपति राघव राजाराम गाया। इसके बाद गांधी आश्रम में मंचीय कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि गांधी के दो शस्त्र रहे हैं सत्य और अहिंसा, हमें अपने जीवन में इन्हें उतारना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने समाज में महिला और पुरूष दोनों की भागीदारी बराबर रहे इनके बिना हमारा समाज अधूरा है। हम उनके आदर्शों को जी सकें यही हमारी गांधी जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने अपने जीवन में संघर्ष किए इसलिए वे मोहन से महात्मा बने। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अगम जैन, शहर के गणमान्य नागरिक, प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (15 फ़रवरी 2026)
बुरहानपुर में होगी एग्रीकल्चर बेस्ड रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बहनों को प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूहों से जोड़ना और मेहनत की सही कीमत देना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
PM मोदी ने बताया क्यों रखा PMO का नाम ‘सेवा तीर्थ’, जानिए इसके पीछे की सोच
हाईवे की एयरस्ट्रिप पर उतरा नरेंद्र मोदी का विमान, ऐसा करने वाले पहले पीएम बने
बागेश्वर धाम में सजा विवाह मंडप, धीरेंद्र शास्त्री ने मोहन यादव को लगाई परंपरा की हल्दी
चाकसू में NH-52 पर भीषण हादसा: ट्रेलर में घुसी कार, एमपी के 5 श्रद्धालुओं की मौत
नरेंद्र मोदी ने पुलवामा शहीदों को दी श्रद्धांजलि, बोले– उनका साहस हर भारतीय को करता है प्रेरित
छत्तीसगढ़ के राशन कार्डधारकों के लिए खुशखबरी… इस दिन से मिलेगा एक साथ 2 महीने का चावल
वनांचल में पक्के घरों की क्रांति: छिंदवाड़ा बना केंद्र सरकार का मॉडल जिला