संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की नई नीति से नाराजगी
21 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
छतरपुर। मध्य प्रदेश संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ छतरपुर द्वारा राज्य सरकार की नई संविदा नीति 2025 के विरोध में बुधवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिले के 632 संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकार पर उनके हितों की अनदेखी का आरोप लगाया है और 21 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
संघ के जिलाध्यक्ष दीपेश नायक ने बताया कि नई संविदा नीति में कई बुनियादी समस्याएं हैं। 2023 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा घोषित सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं, वहीं नई नीति में सेवानिवृत्ति की आयु 65 से घटाकर 62 वर्ष कर दी गई है। इसके साथ ही कर्मचारियों को एनपीएस, मैटरनिटी अवकाश, स्वास्थ्य बीमा और डीए जैसी आवश्यक सुविधाओं से वंचित रखा गया है।
संविदा कर्मियों की प्रमुख मांगों में रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति, अनुबंध प्रथा की समाप्ति और कार्यस्थलों पर पेयजल व्यवस्था में सुधार शामिल है। इससे पहले 1 अप्रैल को भी कर्मियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था और 7 अप्रैल को काली पट्टी बांधकर काम कर अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
16 अप्रैल को कर्मचारियों ने रैली निकालकर एक बार फिर सरकार को चेताया और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 21 अप्रैल से वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इससे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा असर पड़ सकता है।
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