बिक गया Dulux पेंट्स का कारोबार!
नई दिल्ली। देश में 'ड्यूलक्स' ब्रांड के तहत पेंट बिजनेस करने वाली कंपनी अक्जो नोबेल की इंडियन यूनिट ने अपनी 74.7% हिस्सेदारी 8,986 करोड़ रुपये में जेएसडब्ल्यू पेंट्स को बेच दी। कंपनी ने इसके लिए समझौते पर साइन करने का ऐलान किया है। इसके साथ ही जिंदल ग्रुप की मालिकाना हक वाली वाली पेंट निर्माता कंपनी भारत के 80,000 से 90,000 करोड़ रुपये के पेंट मार्केट में चौथी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है।
इस सौदे के बाद, JSW को कंपनी में 26% हिस्सेदारी के लिए ओपन ऑफर लाना होगा। काफी दिनों से इस बात की चर्चा थी कि कंपनी डयूलक्स पेंट्स को खरीदने जा रही है।
2 अन्य कंपनियां भी थीं रेस में
इस बिजनेस डील के तहत, डच कंपनी दो प्रमोटर संस्थाओं के माध्यम से अपनी हिस्सेदारी बेचेगी, इंपीरियल केमिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड, जिसके पास अक्ज़ो नोबेल इंडिया में 50.46% हिस्सेदारी है और होल्डिंग/प्रमोटर यूनिट है। इसके बाद अक्ज़ो नोबेल कोटिंग्स इंटरनेशनल बी.वी., जिसके पास कंपनी में 24.30% हिस्सेदारी है।
पार्थ जिंदल की लीडरशिप वाली में पेंट निर्माता कंपनी ने इंडिगो पेंट्स और एडवेंट इंटरनेशनल और पिडिलाइट इंडस्ट्रीज के कंसोर्टियम की बोलियों को मात देते हुए डुलक्स पेंट्स को खरीद लिया है।
JSW पेंट्स ने बताया फ्यूचर प्लान
जेएसडब्ल्यू पेंट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर पार्थ जिंदल ने कहा, "हम जेएसडब्ल्यू फैमिली में नई कंपनी का स्वागत करते हुए उत्साहित हैं। अक्जो नोबेल इंडिया के कर्मचारियों, ग्राहकों और भागीदारों के साथ मिलकर हम भविष्य की पेंट कंपनी बनाने की इच्छा रखते हैं।"
जेएसडब्ल्यू पेंट्स, अपनी शुरुआत के बाद से डेकोरेटिव पेंट्स सेगमेट में टॉप 3 कंपनियों में अपनी जगह नहीं बना पाई है। दूसरी ओर, ग्रासिम इंडस्ट्रीज की नई कंपनी बिरला ओपस ने अकेले तीसरी तिमाही में 3-4% बाजार हिस्सेदारी हासिल करने में कामयाबी हासिल कर ली है।
बता दे कि जेएसडब्ल्यू पेंट्स, मार्केट में लिस्टेड नहीं है। यह जेएसडब्ल्यू समूह की कंपनी है, जिसकी दो बड़ी कंपनियां, जेएसडब्ल्यू स्टील और जेएसडब्ल्यू एनर्जी शेयर मार्केट में सूचीबद्ध हैं।
गोरखपुर में हाई वोल्टेज ड्रामा, PAC जवान से उलझा युवक
ममता बनर्जी ने तारिक भाई को भेजा फूल और मिठाइयां, रमजान की अग्रिम मुबारकबाद
महात्मा मंदिर में अमित शाह का बड़ा ऐलान, अब राशन वितरण होगा पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी
बैतूल का छोटा महादेव मंदिर, नीचे गुफा में विराजे हैं भोलेनाथ, ऊपर से निकलती है नदी की जलधारा