बकस्वाहा। देवउठनी एकादशी के पावन अवसर पर बकस्वाहा नगर परिषद के तत्वावधान में पाँच दिवसीय पारंपरिक कदम्ब मेला महोत्सव 2025 का शुभारंभ शनिवार को हुआ। इस वर्ष पहली बार यह आयोजन वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी स्टेडियम में किया गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मैदान में लगे झूले, दुकानों की चहल-पहल और रोशनी की जगमगाहट ने पूरे वातावरण को मेलामय बना दिया।
पहले दिन के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों ने भक्ति गीत, लोकनृत्य और धार्मिक झाँकियाँ प्रस्तुत कीं। बालिकाओं की कृष्ण रास लीला और महिला कलाकारों के गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो भजन पर दर्शक झूम उठे। शाम ढलते ही दीपों से सजा मैदान किसी तीर्थस्थल की भांति आलोकित हो उठा। हालाँकि इस बार खेल मैदान में आयोजन को लेकर कुछ असंतोष भी सामने आया, परंतु प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा की दृष्टि से स्टेडियम को उपयुक्त स्थान माना।
मेले की प्रमुख विशेषता कदम्ब वृक्ष पूजा रही। कार्तिक मास में व्रत रखने वाली महिलाएँ आसपास के गाँवों से पहुँचकर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना के लिए पूजन करती रहीं। आगामी दिनों में क्षेत्रीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, जवाबी कीर्तन तथा बुंदेली लोककला संगम जैसे आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। यह पारंपरिक आयोजन न केवल भक्ति और आस्था का प्रतीक है, बल्कि बकस्वाहा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाई प्रदान कर रहा है।