वितरण केन्द्र पर लगी रहीं किसानों की लंबी कतारें
छतरपुर। जिला मुख्यालय सहित जिले के सभी क्षेत्रों में इन दिनों किसानों के सामने खाद का संकट मंडरा रहा है। किसान हर रोज वितरण केन्द्रों पर जमा हो रहे हैं लेकिन शाम तक मायूस होकर खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय के सटई रोड पर ?स्थित खाद वितरण केन्द्र पर भी हर रोज हजारों किसान खाद लेने के लिए पहुंच रहे हैं लेकिन यहां खाद तो दूर की बात, किसानों को टोकन तक नसीब नहीं हो रहे।
ग्राम कतरवारा के किसान महेश पटेल ने बताया कि वह सुबह 6 बजे केन्द्र पर आ गए थे, करीब 5 घंटे तक लाइन में लगे रहने के बाद भी उन्हें टोकन नहीं मिल सका है। इसी तरह ग्राम बारी के किसान सुरेश पटेल ने बताया कि वह पिछले 4 दिनों से हर रोज केन्द्र पर आ रहे हैं लेकिन खाद मिलना तो दूर उन्हें अभी तक टोकन तक नहीं मिला है। ग्राम पहाडग़ांव की मायावती बताती हैं कि वे सुबह 8 बजे केन्द्र पर आ गई थीं, तभी से कतार में खड़ी हैं। देरी रोड पर रहने वाले ग्यासी कुशवाहा ने कहा कि वह पिछले 3 दिन से भटक रहे हैं तब जाकर आज टोकन मिला है। आज भी सुबह 6 बजे आए थे तब कहीं दोपहर 11 बजे टोकन मिल सका।
कतार में खड़े मिले स्कूली बच्चे, एक हुआ बेहोश
इस दौरान कुछ स्कूली बच्चे भी खाद की कतारों में लगे दिखाई दिए। भेलसी गांव की छात्रा ने बताया कि वह कक्षा 9वीं में पढ़ती है लेकिन माता-पिता की सहायता के लिए खाद की कतार में लगी हुई है। इसी तरह गंज टपरियन का रहने वाला कक्षा 10वीं का छात्र मनोज पटेल भी कतार में खड़ा मिला। ग्राम पनौठा का एक छात्र तो कतार में खड़े-खड़े बेहोश हो गया था, जिससे कुछ समय के लिए केन्द्र पर अफरा-तफरी मच गई थी। बताया गया कि छात्र का नाम सौरभ पटेल था, जो बहुत देर से कतार में खड़ा था। इसी दौरान अचानक उसे चक्कर आए और वह गिरकर बेहोश हो गया।
किसान ने लगाए धांधली के आरोप
वितरण केन्द्र पर खाद लेने आए कुछ किसानों ने धांधली के आरोप भी लगाए। एक किसान काशीराम पटेल ने बताया कि खाद वितरण के साथ-साथ टोकन वितरण में भी धांधली हो रही है। काशीराम के मुताबिक कुछ लोगों को डबल टोकन दिए जा रहे हैं, जबकि कुछ को एक टोकन तक नहीं मिल रहा।