भाजपा सांसद-विधायकों के प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन, जेपी नड्डा ने जमीनी स्तर पर काम करने की दी सलाह
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केन्द्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा जी ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के कमलेश्वरपुर में ‘एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत एक पेड़ लगाया और उसके बाद छत्तीसगढ़ भाजपा के सांसदों एवं विधायकों के प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सामाजिक जागरूकता को दिया बल
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव सिंह, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश, प्रदेश भाजपा प्रभारी नितिन नबीन, राष्ट्रीय संगठक वी सतीश, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, उप–मुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा सहित प्रदेश भाजपा के सभी सांसद, विधायक एवं वरिष्ठ नेतागण उपस्थित थे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने न केवल सामाजिक जागरूकता को बल दिया, बल्कि पार्टी के सांसदों और विधायकों को आगामी कार्ययोजनाओं के लिए दिशा-निर्देश भी प्रदान किया। उन्होंने पार्टी की विचारधारा, संगठन की भूमिका, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी और जनसेवा की भावना पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि विचार, मूल्य और सेवा का एक समर्पित आंदोलन है।
प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं
नड्डा ने सांसदों और विधायकों को संगठन के साथ अधिक तालमेल बैठाकर जमीनी स्तर पर काम करने की सलाह दी। इस अवसर बूथ स्तर पर पार्टी की उपस्थिति मजबूत करने, केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने, और विपक्ष के दुष्प्रचार का तथ्यपूर्ण जवाब देने की रणनीति पर भी गहन चर्चा हुई।
नड्डा ने कहा कि प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं है, यह नेतृत्व को तैयार करने, संगठन को सशक्त बनाने और कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने का माध्यम है। उन्होंने पार्टी के सभी सांसों एवं विधायकों से आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार के विकास कार्यों एवं इनिशिएटिव को छत्तीसगढ़ के गांव–गांव, घर–घर पहुंचाने की अपील की।
राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
'कॉकरोच आंदोलन' समाप्त, राहुल गांधी ने उठाए सवाल; छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार घिरी
'मेरी बात PM तक पहुंची', शरद पवार ने बताई धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के पीछे की पूरी कहानी
नौकरी का झांसा देकर बनाया बंधक, युवकों की आपबीती ने उड़ा दिए सभी के होश
सरकार के दावे बनाम हकीकत! 12 साल में किन-किन नेताओं ने दिया इस्तीफा?
दमिश्क हाईवे बना हादसे का शिकार, भीषण बस दुर्घटना में 35 की मौत
रालोद को बड़ा झटका, 10 पदाधिकारियों ने एक साथ छोड़ी पार्टी की जिम्मेदारी
सेबाश्रय शिविर घोटाले पर सियासत तेज, CM शुभेंदु ने 'धोखेबाज भतीजे' को ललकारा