भारत भी इस टैरिफ सूची में शामिल
अमेरिका |अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस वाला फॉर्मूला ही ईरान पर लागू करने का फैसला किया है। उन्होंने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की है। साथ ही इन टैरिफ को तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया है। खास बात है कि भारत भी चीनी, चाय, दवा, सूखे मेवे जैसी कई चीजों का व्यापार ईरान के साथ करता है। फिलहाल, अमेरिका ने भारत को लेकर खासतौर पर कुछ नहीं कहा है।ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'तत्काल प्रभाव से लागू। कोई भी देश जो इस्लामिक गणराज्य ईरान के साथ व्यापार करता है, उसे अमेरिका के साथ कर रहे किसी भी या सभी बिजनेस पर 25 प्रतिशत टैरिफ देना होगा। यह आदेश अंतिम और निर्णायक है।' खबर है कि चीन, ब्राजील, तुर्किए और रूस समेत कई देश ईरान के साथ व्यापार करते हैं।
भारत और ईरान में व्यापार
तेहरान में भारतीय दूतावास के अनुसार, भारत और ईरान बड़े कारोबारी साझेदार हैं हाल के वर्षों में ईरान के 5 बड़े ट्रेड पार्टनर्स में शामिल हो गया है। भारत की तरफ से ईरान में चावल, चाय, शक्कर, दवाएं, स्टेपल फाइबर्स, इलेक्ट्रिकल मशीनरी, आर्टिफिशियल ज्वेलरी आदि निर्यात की जाती हैं। वहीं, भारत ईरान से सूखे मेवे, इनऑर्गेनिक/ऑर्गेनिक केमिकल, कांच का सामान आदि चीजें आयात करता है।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या हो रहा
ट्रंप ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई को लेकर ईरान पर हमले की उनकी चेतावनी के बाद तेहरान वाशिंगटन के साथ बातचीत करना चाहता है। ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है, जब अधिकार कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कहा कि ईरान में प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 599 हो गई है।हालांकि, ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणी पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं व्यक्त की है। उनकी यह टिप्पणी ओमान के विदेश मंत्री की सप्ताहांत में हुई ईरान यात्रा के बाद आई है, जो लंबे समय से वॉशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका में रहे हैं। यह भी स्पष्ट नहीं है कि ईरान क्या पेशकश कर सकता है, खासकर तब जब ट्रंप ने उसके परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल बेड़े को लेकर कड़ी शर्तें रखी हैं, जिसे तेहरान अपनी राष्ट्रीय रक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानता है।
क्या ऑप्शन
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय वाइट हाउस की आंतरिक चर्चाओं से परिचित दो लोगों ने बताया था कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ईरान के खिलाफ संभावित कदम पर विचार कर रही है। जिनमें साइबर हमले और अमेरिका या इजरायल द्वारा सीधे सैन्य हमले शामिल हैं। इन लोगों ने सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने की अनुमति न होने के कारण नाम गोपनीय रखने की शर्त पर यह जानकारी दी।
रालोद को बड़ा झटका, 10 पदाधिकारियों ने एक साथ छोड़ी पार्टी की जिम्मेदारी
सेबाश्रय शिविर घोटाले पर सियासत तेज, CM शुभेंदु ने 'धोखेबाज भतीजे' को ललकारा
CJP Protest पर BSP प्रमुख मायावती की दोटूक, कार्यकर्ताओं को दी सख्त हिदायत
FY26 रिजल्ट: PhonePe की रेवेन्यू बढ़ी, लेकिन मुनाफे की राह अब भी मुश्किल
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई सूची तैयार, जल्द मिल सकती है नेताओं को जिम्मेदारी
मौसम की मार: जम्मू-कश्मीर में 32 मौतें, कई इलाकों में भूस्खलन का खतरा
लापरवाही बनी काल, खुले सेप्टिक टैंक में गिरा 3 वर्षीय बच्चा, मौत से मातम
छात्रों के हित में योगी का बड़ा बयान, माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विपक्ष का हमला, टीकाराम जूली ने PM से की बड़ी अपील