कैलिफोर्निया में अंधाधुंध फायरिंग: 4 की मौत, 10 घायल
कैलिफ़ोर्निया । अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में स्टॉकटन शहर एक बार फिर भय और दहशत के माहौल में डूब गया, जब एक बैंक्वेट हॉल में हुई अंधाधुंध गोलीबारी में 4 लोगों की मौत हो गई और 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद पूरे शहर को सील कर दिया गया है और हमलावर की तलाश में पुलिस व फेडरल एजेंसियों की संयुक्त टीम लगी हुई है। यह वारदात न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती है, बल्कि अमेरिकी राजनीति में गन कानूनों पर एक बार फिर बहस तेज कर रही है।
स्टॉकटन की इस घटना ने अमेरिका में बढ़ती बंदूक हिंसा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर नई बहस को जन्म दिया है। अमेरिका में पहले से ही गन कंट्रोल का मुद्दा राजनीतिक दलों के बीच टकराव का विषय रहा है, जहाँ रिपब्लिकन पार्टी हथियार रखने की स्वतंत्रता को व्यक्तिगत अधिकार बताती है, वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी कड़े कानूनों की मांग कर रही है। ताज़ा गोलीबारी के बाद कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने घटना पर गहरा शोक जताते हुए हमलावर को शीघ्र पकड़ने के आदेश के साथ गन कंट्रोल पर फिर से सख्त कदम उठाने की जरूरत बताई है।
घटना के राजनीतिक आयामों को और गहरा बनाते हुए स्टॉकटन के वाइस मेयर जेसन ली ने इस फायरिंग को “अमेरिकी समाज में बढ़ते हथियारों के अनियंत्रित प्रसार” का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ अपराध नहीं बल्कि नीति विफलता का परिणाम है, जिसमें निर्दोष लोग, बच्चे, परिवार गन हिंसा का शिकार हो रहे हैं। बैंक्वेट हॉल में चल रहे एक बच्चे के जन्मदिन समारोह में अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट ने उत्सव को मातम में बदल दिया। इसने अमेरिकी जनता को झकझोर दिया है।
फायरिंग की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि घायलों में नाबालिग बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि हमलावर अकेला था और कुछ ही मिनटों में अंधाधुंध फायरिंग कर मौके से फरार हो गया। जांच एजेंसियों को फिलहाल आरोपी का उद्देश्य, पृष्ठभूमि और संभावित साजिश को समझने में समय लग सकता है।
अमेरिका में हर साल हजारों लोग गन हिंसा का शिकार होते हैं। ऐसे में स्टॉकटन की यह घटना आगामी चुनावी माहौल में भी प्रमुख मुद्दा बन सकती है। डेमोक्रेट्स इसे हथियार कानूनों में सुधार का आधार बना सकते हैं, जबकि रिपब्लिकन इस आरोप को ‘राजनीतिकरण’ कहकर खारिज कर सकते हैं।
इस बीच, स्टॉकटन शहर हाई अलर्ट पर है और पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति घटनास्थल के आसपास नहीं जा सकता। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव है कि हमलावर को शीघ्र पकड़ा जाए और घटना के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाया जाए, ताकि लोगों के भय को कम किया जा सके।
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