खाद वितरण में गड़बड़ी? प्रशासन के खिलाफ किसानों का गुस्सा फूटा
सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिले में खरीफ सीजन के बीच यूरिया और डीएपी खाद की भारी किल्लत ने किसानों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। गुरुवार को खाद के लिए रात भर से लाइन में लगे किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने नागौद में नेशनल हाईवे-39 एवं सिविल लाइन कोठी रोड स्थित सहकारी वितरण केंद्र पर चक्काजाम कर दिया। जिले के अन्य गोदामों पर भी दिन भर हंगामे की स्थिति बनी रही।
किसानों की परेशानी का आलम यह है कि वे खाद का एक टोकन पाने के लिए रात से ही वितरण केंद्रों और गोदामों के बाहर कतार में लग रहे हैं। इसके बावजूद सुबह होने पर उन्हें न तो टोकन मिल पा रहा है और न ही खाद मिला पा रही है। गुरुवार को नागौद, सतना मार्कफेड और सिविल लाइन स्थित गोदामों पर सुबह से ही किसानों की लंबी कतारें देखी गईं। नागौद में स्थिति सबसे ज्यादा तनावपूर्ण हो गई। कई घंटों के इंतजार के बाद भी खाद न मिलने पर किसानों ने पन्ना-सतना रोड को जाम कर दिया था।
प्रशासन के आश्वासन पर शांत हुए किसान
वहीं चक्का जाम की सूचना मिलते ही एसडीएम सिटी राहुल सिलड़िया समेत अन्य प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने नाराज किसानों को समझाया और खाद की आपूर्ति जल्द सामान्य करने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों से मिले भरोसे के बाद किसानों ने जाम खत्म किया है तब जाकर यातायात बहाल हो पाया है।
वीडियो बनाकर दो कर दूंगा एफआईआर - एसडीएम
किसानों ने प्रशासन पर अव्यवस्था के साथ-साथ कालाबाजारी को रोकने में नाकाम रहने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि सरकारी केंद्रों पर खाद उपलब्ध नहीं है, जबकि खुले बाजार में वही खाद 600 रुपए प्रति बोरी तक में बेची जा रही है। इस पर एसडीएम ने कहा कि यदि कोई कालाबाजारी का वीडियो सबूत देता है, तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाएगी।
समय पर नहीं मिली खाद तो फसल हो जाएगी बर्बाद
किसानों का कहना है कि बुआई का समय निकलता जा रहा है और अगर जल्द ही खाद नहीं मिली तो उनकी पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी। जिससे उनकी मेहनत और लागत दोनों डूब जाएगी। प्रशासन का दावा है कि खाद की अतिरिक्त रैक मंगवाई गई है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।
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