कागजों तक सीमित सुविधाएं, छात्र और अधीक्षक गायब
नौगांव। जनपद क्षेत्र के ग्राम लुगासी में शासकीय जूनियर छात्रावास, जो गरीब और ग्रामीण बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से सात-आठ वर्ष पहले शुरू किया गया था, कागजों पर तो संचालित हो रहा है, लेकिन धरातल पर यह केवल खाली बिल्डिंग और अनियमितताओं का अड्डा बन गया है। जांच में सामने आया है कि यहां न तो छात्र मौजूद हैं और न ही अधीक्षक, केवल चपरासी के भरोसे छात्रावास की इमारत खड़ी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार छात्रावास के रजिस्टर में 20 से 30 छात्रों की उपस्थिति दर्ज है, लेकिन मौके पर एक या दो छात्र ही रहते हैं, बाकी सभी गायब हैं। जब मौके पर जाकर पड़ताल की गई तो पता चला कि अधीक्षक मनोज चौरसिया भी अनुपस्थित हैं। उनसे फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने बहाना बनाया कि उनके पास दो छात्रावासों की जिम्मेदारी है, इसलिए वे नियमित रूप से नहीं आ पाते।
उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा प्रत्येक छात्र के लिए 1390 रुपये मासिक (सब्जी, तेल, साबुन आदि के लिए) और 400 ग्राम अनाज नि:शुल्क प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त, पढ़ाई के लिए स्कूल शिक्षकों की अतिरिक्त ड्यूटी, रसोईया और रखरखाव का खर्च भी शासन वहन करता है। मेन्यू के अनुसार नाश्ता, चाय और भोजन की व्यवस्था के निर्देश हैं, लेकिन निरीक्षण में पाया गया कि किचन में कोई खाना या सामग्री नहीं थी। छात्रावास की दीवारों पर मेन्यू और स्लोगन तो लिखे हैं, लेकिन धरातल पर न भोजन है, न नाश्ता, और न ही कोई अन्य सुविधा। इसके अलावा लगभग 15 वर्ष पुरानी छात्रावास की इमारत की छत से भी पानी टपक रहा है। छात्रावास की स्थिति स्पष्ट करती है कि शासकीय धन का दुरुपयोग हो रहा है और सुविधाएं केवल रजिस्टर तक सीमित हैं।
एसडीएम ने दिए जांच के निर्देश
इस मामले में जब नौगांव एसडीएम बीएस पटेल से बात की गई, तो उन्होंने तत्काल जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।