आज शाम लांच होगा इसरो का इन्सैट-3डीएस प्रक्षेपण
चेन्नई । मौसम विज्ञान और आपदा से संबंधित चेतावनी उपग्रह इन्सैट-3डीएस के प्रक्षेपण की उल्टी गिनती शुक्रवार से शुरू होगी। इस उपग्रह को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित शार-रेंज से भारतीय अंतरिक्ष संस्थान (इसरो) के सबसे भारी रॉकेट जियो सिंक्रोनस लांच व्हीकल (जीएसएलवी) का उपयोग करके शनिवार शाम प्रक्षेपित किया जाएगा। पहले प्रक्षेपण का समय शनिवार शाम 17.30 बजे निर्धारित था, जिसे पांच मिनट बढ़ाकर 17,35 बजे किया गया है। इसरो ने जीएसएलवी-एफ14/इनसैट-3डीएस मिशन पोस्ट कहा, प्रक्षेपण अब शनिवार को 17:35 बजे निर्धारित है। मिशन तैयारी समीक्षा समिति एवं प्रक्षेपण प्राधिकरण बोर्ड द्वारा इस महत्वपूर्ण मिशन के लिए हरी झंडी देने के बाद उलटी गिनती शुरू हो जाएगी, जिसके दौरान तीन चरण वाले वाहन में प्रणोदक भरने का कार्य किया जाएगा।
प्रक्षेपण के लगभग 19 मिनट बाद, 51.7 मीटर लंबा वाहन, 420 टन भार के साथ, उपग्रह को भूमध्य रेखा पर 19.35 डिग्री के झुकाव के साथ 170 किलोमीटर की ऊंचाई पर जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (जीटीओ) में प्रक्षेपित करेगा।
विधानसभा में सुरक्षा व्यवस्था का सख्त खाका तैयार, संवेदनशील सत्र से पहले हाई सिक्योरिटी प्लान लागू
असम में ‘मिया’ मुसलमानों को लेकर क्यों तेज हुई सियासी मुहिम? विवादित वीडियो से बढ़ा राजनीतिक टकराव
अधिकारी की छवि खराब करने की साजिश? थाने में दिया आवेदन
वाराणसी कचहरी में बम धमकी से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
कुक स्ट्रेट फतह करने वाले पहले एशियन पैरास्विमर बने सतेंद्र, 9 घंटे 22 मिनट में रचा इतिहास
राज्यसभा में कांग्रेस के भीतर तकरार, खरगे और जयराम रमेश के बीच तीखी बहस
जयपुर में दिल दहला देने वाली वारदात, पिता ने 8 महीने की मासूम की हत्या की
धीरेन्द्र शास्त्री की ‘माला-भाला’ नसीहत पर सियासी बवाल, कांग्रेस ने FIR की मांग उठाई
मनसे नेता देशपांडे ने उद्धव गुट के पार्षदों पर लगाए गंभीर आरोप… बोले- एक-एक करोड़ में बिके
कचरा प्रबंधन नियमों में बार-बार बदलाव से जमीनी हकीकत में सुधार नहीं होगा: सुप्रीम कोर्ट