खजुराहो। प्राचीन भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक सौंदर्य की धरती खजुराहो आज एक नई चुनौती के सामने खड़ी है। इसी विषय पर मतँगेश्वर सेवा समिति, दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर और खजुराहो डेवलपमेंट एसोसिएशन के पंडित सुधीर शर्मा के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, यह बैठक माता मंदिर के सामने स्थित वुड कैफ़े रेस्टोरेंट में सम्पन्न हुई।
बैठक में खजुराहो, पन्ना, छतरपुर और लवकुशनगर क्षेत्र से आए समाजसेवियों के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। सभी का उद्देश्य था — खजुराहो की सांस्कृतिक आत्मा और पर्यावरणीय संतुलन की रक्षा करना। मुख्य चर्चा का विषय खजुराहो में प्रस्तावित मिलिट्री एयर बेस रहा। पंडित शर्मा ने बताया कि खजुराहो की पहचान इसकी शांति, आध्यात्मिकता और चंदेलकालीन भव्य मंदिरों से है। यदि यहाँ सैन्य एयर बेस स्थापित हुआ, तो यह न केवल पर्यावरण और वन्यजीवों को प्रभावित करेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पर भी गंभीर असर डालेगा।
उन्होंने कहा कि खजुराहो का सौम्य वातावरण, जो दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करता है, सैन्य विमानों की गतिविधियों से नष्ट हो जाएगा। सभी उपस्थित समाजसेवियों ने एक स्वर में सुझाव दिया कि खजुराहो में ऐसी योजनाएँ लाई जानी चाहिए जो इसकी मौलिकता, मंदिरों की गरिमा और पर्यावरण की पवित्रता को बनाए रखें। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बेगलेस स्कूल की संचालिका श्रीमती वर्षा चतुर्वेदी, स्वतंत्रता सेनानी की पोत्री श्रीमती सिम्मी अवस्थी तथा विशिष्ट अतिथि श्रीमती अनीता ओस्माण्ड उपस्थित रहीं।
इसके अतिरिक्त समाजसेवी शिवि खरे, मीना अनुरागी, इरा खान, हरीश लवानिया, विकास चतुर्वेदी, गुड्डू तिवारी (पन्ना), डॉ. शिवपूजन अवस्थी (लवकुशनगर), गणेश भाई कुण्डिया (गुजरात), श्रीमती रश्मि जैन, श्रीमती रजनी मिश्रा, और आकांक्षा शर्मा (छतरपुर) होटल एसोसिएशन, हैंडीक्राफ्ट उद्योग, ब्रह्मकुमारी संगठन और जैन समाज के प्रतिनिधि सहित अनेक प्रतिष्ठित नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम के उपरांत सभी लोगों ने मतँगेश्वर महादेव के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया समिति के सदस्यों ने पन्ना में आयोजित मुरारी बापू की कथा में पहुंचकर  बापू को इस समस्या के बारे में अवगत कराया तब उन्होंने सदस्यों को अयोध्या में आकर मिलने को कहा जल्द ही इस समस्या का निवारण होगा