कहा- एक सप्ताह में न्याय नहीं मिला तो होगा आंदोलन
छतरपुर। मंगलवार को जिला कुशवाहा समाज ने एक पत्रकारवार्ता के माध्यम से जिले में कुशवाहा समाज के लोगों पर हो रहे अत्याचार के मामलों की विस्तृत जानकारी मीडिया को देते हुए प्रशासन के खिलाफ शीघ्र आंदोलन की चेतावनी दी है। पत्रकारों से संवाद करते हुए युवा कुशवाहा समाज के जिलाध्यक्ष अशीष कुशवाहा ने कहा कि लंबे समय से छतरपुर जिले में समाज के लोगों के साथ प्रशासनिक अधिकारी और पुलिसकर्मी द्वेष भावना से ग्रसित होकर कार्रवाई करने में लगे हुए हैं, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आशीष कुशवाहा ने बताया कि 19 अप्रैल 2025 को छतरपुर एसडीएम द्वारा ग्राम बारी के कुछ दबंगों के साथ मिलकर गांव के मंदिर के पुजारी साधूदास उर्फ वीरेन्द्र कुशवाहा के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पुजारी साधूदास के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कराकर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की गई। इतना ही नहीं पुजारी को जेल भेजने के बाद एसडीएम ने गांव के असमाजिक लोगों को मंदिर की जिम्मेदारी सौंप दी थी, जिसे वापिस लेने के लिए पुजारी साधूदास द्वारा 1 जुलाई से 19 जुलाई तक आमरण अनशन भी किया गया लेकिन न्याय देने की बजाय यहां भी उनके साथ उचित व्यवहार नहीं हुआ। इसी तरह छतरपुर के एक कुशवाहा युवक पर कोतवाली थाना में दर्ज मामले का जिक्र भी पत्रकारवार्ता में किया गया। कुशवाहा समाज ने वरिष्ठ अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगले 10 दिनों में समाज के पीडि़तों को न्याय नहीं मिला तो समाज उग्र आंदोलन करेगा।