जमीनी विवाद में अधेड़ किसान को दबंगों ने पीटा, इलाज के दौरान हुई मौत, चार पर दर्ज हुआ मामला
छतरपुर/बमीठा। गुरुवार की रात करीब 11 बजे बमीठा थाना क्षेत्र के ग्राम बरेठी में जमीनी विवाद के चलते गांव के कुछ लोगों ने खेत की रखवाली कर रहे किसान पर हमला कर दिया, जिससे किसान बुरी तरह घायल हो गया। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया था, जहां उसने दम तोड़ दिया। चूंकि मौत से पहले मृतक ने पुलिस को कथन दे दिए थे, जिसके चलते पुलिस ने गांव के 4 लोगों पर मामला दर्ज कर, एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
मृतक की पुत्री तुलसा अहिरवार ने बताया कि उसके पिता मनीराम पुत्र सूखा अहिरवार उम्र करीब 55 वर्ष निवासी ग्राम बरेठी थाना बमीठा, रोज की तरह गुरुवार की रात को अपने खेत की रखवाली करने गए थे। रात करीब 11 बजे गांव के रामप्रताप सिंह परमार, ज्ञानेंद्र सिंह परमार, अरविंद सिंह परमार और धर्मेंद्र सिंह परमार ने उनके ऊपर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में मनीराम बुरी तरह घायल हो गया था, जिसकी सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने डायल-100 को सूचना दी। घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने 108 एंबुलेंस की मदद से घायल मनीराम को गंभीर हालत में रात करीब 12 बजे जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल में मनीराम ने पुलिस को कथन दिए और इसके बाद इलाज के दौरान रात करीब 3 बजे मनीराम ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने उक्त चारों के विरुद्ध धारा 103, 296, 3(5),3(1)(द), 3(1)(ध),3(2)(वी) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर आरोपी रामप्रताप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि शेष की तलाश जारी है। शुक्रवार की सुबह जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम किए जाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पुराने प्रकरण में राजीनामा को लेकर चल रहा था विवाद
सूत्रों से जानकारी मिली है कि बरेठी में स्थापित एनटीपीसी कंपनी से मुआवजा लेने के बाद भी गांव के कई लोग जमीनों पर कब्जा किए हुए हैं। मनीराम भी ऐसा ही एक किसान था जिसे एनटीपीसी से मुआवजा मिला है। करीब दो साल पहले ज्ञानेन्द्र सिंह ने उसकी जमीन पर जबरन कब्जा कर खेतों की जुताई कर ली थी, जिस पर मनीराम के परिवार के राजू उर्फ पुन्ना अहिरवार ने ज्ञानेन्द्र सिंह के खिलाफ बमीठा थाना में हरिजन एक्ट का मामला दर्ज करा दिया था। इसी प्रकरण में राजीनामा करने और केस में खर्च हुए 10 लाख रुपए देने का दबाव ज्ञानेन्द्र सिंह और उसके परिजन, मनीराम के परिवार पर बना रहे थे। चूंकि राजू गांव में नहीं रहता था, जिसके चलते मनीराम ने ज्ञानेन्द्र सिंह को भरोसा दिया था कि जब राजू गांव वापिस आएगा तो वह प्रकरण में राजीनाम कर लेगा। इसी विवाद के चलते आरोपियों ने बीती रात मनीराम के ऊपर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई है।
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