खजुराहो। पर्यटन क्षेत्र में रनेह जलप्रपात मार्ग स्थित आयुर्वेदिक केंद्र आयुरग्राम में भगवान धन्वंतरि एवं जैन समाज के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ जी की भव्य चित्रकला का अनावरण किया गया। यह आयोजन मतंगेश्वर सेवा समिति एवं दद्दा जी इंटरनेशनल कल्चर सेंटर के तत्वावधान में पंडित सुधीर शर्मा के निर्देशन में संपन्न हुआ। केंद्र में आयुर्वेदिक उपचारों और ध्यान योग की सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो पर्यटकों को भारतीय संस्कृति और स्वास्थ्य का अनुभव प्रदान कर रही हैं।
अनावरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में खजुराहो ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं यू फस्र्ट टूर्स के संचालक   हरीश लावनिया उपस्थित रहे, जो स्वर्गीय भगवान सिंह लावनिया के सुपुत्र हैं। उन्होंने केंद्र का निरीक्षण किया तथा केरल के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा संचालित शिरोधारा, अभ्यंग, पंचकर्म और अन्य आयुर्वेदिक उपचारों की कार्यप्रणाली का गहन अध्ययन किया। पंडित सुधीर शर्मा ने बताया कि वर्ष 2025 अध्यात्म के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका कुल योग 9 बनता है, जो समापन, परिवर्तन, आध्यात्मिक पूर्णता और सामुदायिक मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष धनतेरस एवं धन्वंतरि दिवस शनिवार को पड़े, जो भगवान हनुमान जी को समर्पित माना जाता है, तथा दीपावली मंगलवार तक रही। ताकि यह वर्ष अध्यात्म, ऊर्जा और दिव्य शक्ति के उत्कर्ष का प्रतीक बने। केंद्र आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के शिष्य आचार्य श्री प्रणम्य सागर जी महाराज की प्रेरणा से अर्हम ध्यान योग भी प्रदान करता है, जहां प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और पारंपरिक विधियों से रोगों का उपचार किया जाता है। अनावरण के दौरान आयुरग्राम के प्रतिनिधि श्री कृष्णा प्रसाद ने अतिथियों को औषधीय पौधों, जड़ी-बूटियों और उनके उपयोगों की विस्तृत जानकारी दी। श्री हरीश लावनिया ने कहा कि यह केंद्र खजुराहो के पर्यटन और स्वास्थ्य को नई पहचान देगा, जहां देशी-विदेशी पर्यटक आयुर्वेद, ध्यान और योग के माध्यम से भारतीय संस्कृति की गहराई अनुभव करेंगे। आयोजन में गुजरात से आए गणेश भाई, अमेरिका के दिनेश योगी तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अंत में सभी ने आयुर्वेदिक पौधों के संरक्षण और जागरूकता के लिए सामूहिक संकल्प लिया तथा पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा रचित संक्षिप्त हनुमान चालीसा का पाठ किया।