छतरपुर। कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में गुरूवार को जिला पंचातय सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों के साथ राजस्व प्रकरणों के संबंध में समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में एडीएम मिलिंद नागदेवे, अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री जैसवाल ने आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज लंबित प्रकरण रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए नौगांव, बिजावर एसडीएम को 1 साल पुराने केसों को बंद कराने के निर्देश दिए। उन्होंने राजनगर एसडीएम को 1 साल पुराने केस के संबंध में फाइल नहीं मिलने पर संबंधित बाबू पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी एसडीएम पुराने लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकरण करें एवं निरंतर कोर्ट लगाकर पेशी लगवाएं और केस 3, 4 पेशी में निराकरण करें।
चंद्रनगर नायब तहसीलदार की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश
कलेक्टर ने बसारी एवं चंद्रनगर नायब तहसीलदार के अधिक लंबित केस होने पर शोकॉज जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही चंद्रनगर नायब तहसीलदार को बंटवारा में खराब प्रगति पर 1 वेतन वृद्धि रोकने एवं रीडर को भी शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि आगामी बैठक में यदि इस स्तर पर अधिक लंबित आवेदन पाए जाएंगे तो संबंधित की वेतन काटने की कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर श्री जैसवाल ने नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन की समीक्षा करते हुए नामांतरण में नजूल, तह. ईशानगर को पेशी लगाकर समय पर केस को डिस्पोज करने के निर्देश दिए। साथ ही नायब तहसीलदार लुगासी, मातगुवां, बृजपुरा, सौरा को सीमांकन की शिकायतें संतुष्टिपूर्वक बंद कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नायब तहसीलदार बसारी की प्रगति अत्यंत खराब होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सुधार के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि तहसीलदार स्तर पर नामांतरण में 90 प्रतिशत एवं बंटवारा में 80 प्रतिशत से नीचे प्रगति ना रहे। नायब तहसीलदार बमनौरीकलां को नामांतरण एवं बंटवारा दोनों में प्रगति लाने के निर्देश दिए और अपने स्तर पर सीमांकन के आवेदन दर्ज करने को कहा।
  कलेक्टर ने एसडीएम एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि अभिलेख दुरुस्ती के केस को अपनी ही कोर्ट में निराकृत करें। साथ ही राजनगर एसडीएम को रिकॉर्ड सुधार के अधिक केस लंबित होने पर पेशी लेने एवं पुराने केस जो अनुमति के लिए आए उनको दर्ज कराकर निराकरण के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पीओ एवं रीडर स्तर पर स्वीकृत करने के लिए लंबित आवेदन में राजनगर की अत्यंत खराब प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की और साइबर तहसील 1.0, राजस्व वसूली, स्वामित्व योजना (ग्रामीण आवादी सर्वे) आदि की समीक्षा की। कलेक्टर ने स्वामित्व योजना में छतरपुर तहसीलदार को ग्राउंड टूथिंग में प्रगति लाने, राजनगर तह. को द्वितीय स्तर के प्रकाशन को कराने एवं घुवारा नायब तह. को अंतिम प्रकाशन में पेंडेंसी क्लियर कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने फार्मर रजिस्ट्री में लवकुशनगर तहसील की सबसे कम प्रगति होने पर नाराजगी व्यक्त की और लवकुशनगर एसडीएम को खराब प्रगति वाले हक्के के पटवारी को निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही कलेक्टर ने जिन हल्के के पटवारियों के फार्मर रजिस्ट्री में खराब प्रगति है उनके वेतन वृद्धि रोकने के भी निर्देश।
15 दिन विशेष कैंप लगाकर सीएम हेल्पलाइन बंद कराएं
कलेक्टर ने आधार से खसरा लिंकिंग, भूलेख पोर्टल, वक्फ संपत्ति, वेटलैंड सर्वे की प्रगति आदि की भी समीक्षा की। सीएम हेल्पलाइन में 1000 एवं 500 दिवस से अधिक की शिकायतों के संबंध में एसडीएम एवं तहसीलदारों को एक-एक शिकायतों को स्वयं पढ़कर शिकायतकर्ता से बात कर निराकृत कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने तहसीलदारों को परफोर्मेंश के आधार पर ए ग्रेड में आने के भी निर्देश दिए। साथ ही सभी अगले 15 दिन विशेष कैंप लगाकर सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को बंद कराने के निर्देश दिए और एसडीएम को मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। लोक सेवा गारंटी के प्रथम अपील में समय सीमा से बाहर प्रकरणों एवं आयोग में लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की। जिसमें आयोग के लंबित प्रकरणों के प्रतिवेदन भेजने के निर्देश दिए।
रिकॉर्ड के डिजिटलाइजेशन की हुई समीक्षा
कलेक्टर ने जिले के भू-अभिलेख से संबंधित दस्तावेज के स्केन डिजिटलाइजेशन के संबंध में राजस्व अधिकारियों आवश्यक दिशा निर्देश दिए। रिकॉर्ड डिजिटलाइजेशन में खसरा, जमाबंदी/बी-1, नामांतरण पंजी, अधिकार अभिलेख, री-नंबरिंग सूची, निस्तार पत्रक, वाजिब उल अर्ज, सी-2 रजिस्टर, राजस्व न्यायालय प्रकरण रिकार्ड एवं पंजी आदि दस्तावेजों को स्केन किया जाएगा। साथ ही पटवारी द्वारा अपने गांव के डाटा का ऑनलाइन क्वालिटी चेक किया जाएगा और अंत में संबंधित एजेंसी द्वारा स्वीकृत डाटा को भूलेख पोर्टल पर जन सामान्य के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
जल गंगा संवर्धन अभियान की एसडीएम को ब्लॉक स्तर पर समीक्षा करने के निर्देश
कलेक्टर ने जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत कार्यों की राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभिन्न जल संरचनाएं जिनमें साफ सफाई एवं जीर्णोद्धार का कार्य किया जाना है। उनके मौके स्थल पर सभी एसडीएम, तहसीलदार जाएं और जनप्रतिनिधियों को भी बुलाएं ताकि अच्छा प्रचार प्रसार हो सके। कलेक्टर ने एसडीएम, तहसीलदार को निरंतर अभियान की ब्लॉक स्तर पर समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायत एवं नगरीय निकाय ही नहीं सभी विभागों को अभियान में लगाएं। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को जल संग्रहण की संरचनाओं को संबंधित पोर्टल पर दर्ज करने के भी निर्देश दिए।