अभिभावकों को लूट से बचाने जिला प्रशासन लगाएगा पुस्तक मेला
छतरपुर। हर वर्ष नवीन शिक्षण सत्र के प्रारंभ में कॉपी-किताबों के नाम पर निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों से की जाने वाली लूट पर लगाम लगाने की मंशा से इस बार जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने मास्टर प्लान तैयार किया है। दरअसल इस वर्ष शिक्षा विभाग द्वारा जिला मुख्यालय पर पुस्तक मेला लगाया जा रहा है जहां से अभिभावक उचित दामों पर अपने बच्चों के लिए किताबें खरीद सकेंगे। इसके बावजूद भी अगर कोई निजी विद्यालय अभिभावकों पर दबाव बनाता है तो उसकी मान्यता रद्द होगी।
डीपीसी अरुण शंकर पांडे ने बताया कि पिछले कई वर्षों से नवीन शिक्षण सत्र प्रारंभ होते ही निजी स्कूलों द्वारा स्कूल अथवा उनके द्वारा बताई गई दुकानों से किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर किए जाने की शिकायतें सामने आ रही थीं, जिसको ध्यान में रखते हुए कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देशन में पुस्तक मेला लगाने का निर्णय लिया गया है। श्री पांडे ने बताया कि उक्त पुस्तक मेले का शुभारंभ 1 अप्रैल 2025 को जिला पंचायत कार्यालय के बाहर मेला ग्राउंड में किया जाएगा। पुस्तक मेला 7 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें कक्षा 1 से 12 वीं तक के विद्यार्थियों के लिए एनसीईआरटी की पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के लिए पुस्तक मेले से उचित दामों पर किताबें खरीदें। डीपीसी ने यह भी कहा कि यदि कोई विद्यालय पुस्तक मेले से खरीदी गई किताबों को मान्य करने में आनाकानी करता है और इस संबंध में विभाग को शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित विद्यालय की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
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