राहुल गांधी ने बिहार की जातिगत जनगणना को बताया फर्जी, कहा
पटना । पटना में संविधान सुरक्षा सम्मेलन में बोलते हुए कांग्रेस सांसद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि देश की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए जातिगत जनगणना होनी चाहिए। यह बिहार में की गई फर्जी जातिगत जनगणना जैसी नहीं होगी, जातिगत जनगणना के आधार पर नीति बनाई जानी चाहिए, कांग्रेस जातिगत जनगणना को लोकसभा और राज्यसभा में पारित करेगी। हम 50 प्रतिशत आरक्षण की बाधा को ध्वस्त कर देंगे।इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि इस किताब (भारत के संविधान) में कहां लिखा है कि भारत की सारी संपत्ति सिर्फ दो से तीन लोगों के हाथ में चली जानी चाहिए, आज के भारत में विधायकों और सांसदों के पास कोई ताकत नहीं है। जब मैं पिछड़े समुदाय, दलितों, आदिवासियों से ताल्लुक रखने वाले भाजपा सांसदों से मिलता हूं तो वे कहते हैं कि हमें पिंजरे में डाल दिया गया है।
उन्होंने अपने लोगों को हर संगठन में रखा है
राहुल गांधी ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि पिछड़े समुदाय, दलितों के लोग प्रतिनिधित्व ले रहे हैं, तो उन्होंने आपको प्रतिनिधित्व दिया लेकिन सत्ता छीन ली। सत्ता अंबानी, अडानी और आरएसएस को दे दी गई है। उन्होंने अपने लोगों को हर संगठन में रखा है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि हम चाहते थे कि जैसे गंगा का पानी हर जगह बहता है, वैसे ही संविधान की विचारधारा भी देश के हर व्यक्ति, हर संस्था तक पहुंचे। कुछ दिन पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी नहीं मिली थी। अगर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कह रहे हैं कि भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी नहीं मिली, तो वह भारत के संविधान को खारिज कर रहे हैं...वह (आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत) भारत की हर संस्था से डॉ. बीआर अंबेडकर, भगवान बुद्ध, महात्मा गांधी की विचारधारा को मिटा रहे हैं।
महिलाएं कौन सा रुद्राक्ष पहनें? जानिए धार्मिक मान्यताएं और पहनने की विधि
पौराणिक रहस्य: Kal Bhairav ने क्यों दिया Brahma को दंड, जानें पूरी कथा
SIR को लेकर सियासत तेज, Mamata Banerjee बोलीं—जनता देगी करारा जवाब
केरल चुनाव: पार्टियों का प्रचार थमा, किस्मत अब गठबंधन के हाथ में
आरोप-प्रत्यारोप के बीच कांग्रेस की रणनीति, Indian National Congress ने बंगाल में बढ़ाई चुनावी ताकत
छात्रों ने धार्मिक भावनाओं का सम्मान और सावधानी की मांग की