लखनऊ संभाग में सड़क हादसों से मौतें 16% बढ़ीं, रायबरेली सबसे आगे
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में सड़कें मौतों का सैलाब बन गई हैं. लखनऊ संभाग में जनवरी से सितंबर 2025 तक सड़क दुर्घटनाओं में 7% की बढ़ोतरी हुई है. जबकि मृतकों की संख्या 16% और घायलों की 8% उछाल मार चुकी है. परिवहन विभाग के चौंकाने वाले आंकड़ों ने अफसरों की लापरवाही को बेनकाब कर दिया है.
मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता वाली मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ये आंकड़े पेश किए गए, जहां रायबरेली सबसे ज्यादा प्रभावित जिला साबित हुआ. वहां हादसों में 59% की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई. ये आंकड़े यातायात निदेशालय की रिपोर्ट पर आधारित हैं, जो पूरे उत्तर प्रदेश में बढ़ते हादसों की तस्वीर पेश करते हैं. राज्य स्तर पर जनवरी से मई तक ही 13,000 से ज्यादा दुर्घटनाओं में 7,700 से अधिक मौतें हो चुकी हैं. जबकि, पूरे साल में 15% से ज्यादा हादसे बढ़ चुके हैं.
लखनऊ संभाग में स्थिति और भी गंभीर है, जहां कुल हादसे 4,213 से बढ़कर 4,922 हो गए. यानी 16.8% की छलांग. मृतक 2,232 से 2,656 (19% बढ़ोतरी) और घायल 2,894 से 3,511 (21.1% वृद्धि) हो गए.
जिला-वार भयावह आंकड़े
परिवहन विभाग ने स्मार्ट सिटी कार्यालय में आयोजित बैठक में जिला-वार डेटा पेश किया. अकेले लखनऊ में ही हादसे 1,207 से 1,292 (7% बढ़े), मौतें 421 से 489 (16%) और घायल 852 से 921 (8%) हो गए. रायबरेली सबसे खराब स्थिति में है, जहां दुर्घटनाएं 397 से 631 (58.9% वृद्धि), मौतें 234 से 334 (42.7%) और घायल 207 से 485 (134.3%) पहुंच गए. हरदोई में 22% हादसे बढ़े, उन्नाव में 19.7%, सीतापुर में 9.2%. सिर्फ लखीमपुर खीरी में मौतें 8.7% घटीं, लेकिन कुल हादसे 6.8% बढ़े.
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