छतरपुर। सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक छतरपुर अगम जैन के निर्देशन में जिले के सार्वजनिक स्थान, शैक्षणिक संस्थानों में निरंतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में आज थाना यातायात परिसर पुलिस प्रशिक्षण शाला में साइबर जागरूकता एवं यातायात पाठशाला कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें शैक्षणिक संस्थान के छात्र छात्राएं और उनके संचालक शामिल हुए।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन द्वारा  छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के संबंध में जानकारी दी गई। बताया गया कि ऑनलाइन ठगी, फिशिंग लिंक, बैंक संबंधी कॉल, सोशल मीडिया हैकिंग, फर्जी प्रोफाइल बनाना, तथा ऑनलाइन गेम्स या ऐप्स के माध्यम से ठगी जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे अपराधों से बचाव के लिए किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या संदेश पर अपनी निजी या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करने, सोशल मीडिया की गोपनीयता सेटिंग्स सुरक्षित रखने, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि या धोखाधड़ी की सूचना तत्काल राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल  हेल्पलाइन नंबर 1930 या निकटतम पुलिस थाने में देने की सलाह दी गई।
सड़क और साइबर दोनों ही क्षेत्रों में जागरूकता एवं सतर्कता ही सुरक्षा का सर्वोत्तम उपाय है। छात्रों से अपील की गई कि वे स्वयं नियमों का पालन करें और अपने परिवारजनों व मित्रों को भी इसके लिए प्रेरित करें। छात्र छात्राओं को साइबर अपराध संबंधी जानकारी दी गई,  प्रभारी यातायात निरीक्षक बृहस्पति साकेत द्वारा छात्र-छात्राओं से संवाद कर उन्हें यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा एवं गोल्डन ऑवर के महत्व की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को यातायात संकेतों, सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु, शारीरिक एवं आर्थिक क्षति से संबंधित जानकारी देते हुए बताया गया कि यातायात नियमों का पालन आवश्यक एवं सरल है। छात्र-छात्राओं से आग्रह किया गया कि वे स्वयं भी नियमों का पालन करें और अपने परिजनों को भी इसके लिए प्रेरित करें। दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य बताया गया। मोबाइल फोन के उपयोग से होने वाले खतरे बताए गए। वाहन चेकिंग अभियान, चालानी कार्यवाही एवं ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी नियमों की जानकारी दी। बताया गया कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण एवं लाइसेंस होने पर वाहन चालन की अनुमति दी जाती है। कार्यक्रम में गोल्डन ऑवर की महत्ता समझाते हुए राहवीर योजना की जानकारी दी गई, जिसके अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को शीघ्र उपचार दिलाने पर सहयोगी को शासन द्वारा प्रोत्साहन राशि एवं व्यय प्रतिपूर्ति प्रदान की जाती है।  कार्यक्रम के उपस्थित सभी संचालकों को नियमों के पालन पर जोर दिया गया।