दस दिवसीय गणेश महोत्सव का हुआ समापन
छतरपुर। 10 दिनों तक प्रथम पूज्य भगवान गजानन की पूजा अर्चना के बाद अनंत चतुर्दशी के अवसर पर गणेश महोत्सव का समापन किया गया। जिले की तमाम नदी, तालाबों में बनाए गए विसर्जन स्थलों पर भक्ति भाव से भगवान गणपति को विदाई देते हुए प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। सभी स्थानों पर पुलिस और प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था रही, साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इन स्थानों का निरीक्षण करते हुए तैनात अमले को आवश्यक दिशा निर्देश गए। कई स्थानों पर ड्रोन से भी निगरानी की गई।
जिला मुख्यालय के प्रताप सागर तालाब, बूढ़ा बांध, नौगांव क्षेत्र के गर्रोली से निकली धसान, मऊसहानियां के जगत सागर और धुबेला तालाब सहित विभिन्न स्थानों पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। सुबह से ही भक्त प्रतिमाएं लेकर विसर्जन के लिए पहुंचने लगे थे, जिन्होंने पुलिस और प्रशासन द्वारा तैनात किए गए निगरानी दलों की मौजूदगी में विसर्जन किया और गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारे लगाते हुए बप्पा को विदा किया। जिला मुख्यालय के प्रताप सागर तालाब में पुलिस तथा प्रशासन के अलावा होमगार्ड और वन विभाग की संयुक्त टीम को तैनात किया गया था, जिनकी देखरेख में प्रतिमाओं को विसर्जित कराया गया। उक्त टीम द्वारा ड्रोन कैमरों और पुलिस के मोबाइल इंटरसेप्टर वाहन से विसर्जन स्थल की निगरानी की गई। दोपहर के वक्त अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह और अपर कलेक्टर मिलिन्द नागदेवे द्वारा विसर्जन स्थल का निरीक्षण किया।
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