थाई सेना का चिन्हित इलाकों पर कब्जा, कंबोडिया सेना को पीछे हटने पर किया मजबूर
बैकांक,। थाईलैंड के पीएम अनुतिन चार्नविराकुल ने कहा है कि थाई सेना ने करीब सभी चिन्हित इलाकों पर नियंत्रण कर लिया है और अब कंबोडिया की सेना को पीछे हटने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इन इलाकों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि दोबारा कोई झड़प न हो। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक साक्षात्कार में अनुतिन ने बताया कि उन्होंने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया है कि सोमवार को आसियान के विदेश मंत्रियों की विशेष बैठक में थाईलैंड का पक्ष साफ तौर पर रखा जाए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि थाईलैंड ने किसी भी समझौते का उल्लंघन नहीं किया है और न ही वह आक्रामक पक्ष है। सरकार द्वारा उठाए गए सभी कदम देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए हैं। उन्होंने कहा कि थाईलैंड हमेशा अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों का पालन करता रहा है और स्थिति को और ज्यादा बिगड़ने से रोकने की कोशिश कर रहा है। थाईलैंड और कंबोडिया के बीच हुए हालिया संघर्ष में अब तक 34 थाई नागरिकों की मौत हो चुकी है।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सुरसंत कोंगसिरी ने बताया कि सीमा पर झड़पों की घटनाएं अब धीरे-धीरे कम हो रही है। कुछ इलाकों में लोग अपने घरों को लौटने लगे हैं और राहत शिविरों की संख्या भी घटाई गई है। रविवार दोपहर कंबोडिया की सेना ने थाईलैंड के सा काओ प्रांत के सीमावर्ती इलाकों में गोलाबारी जारी रखी। इसके बाद अरण्यप्रथेट जिले के अधिकारियों को निवासियों को सुरक्षित इलाकों में जाने के लिए एक जरूरी नोटिस जारी करना पड़ा।
रिपोर्ट के मुताबिक रॉयल थाई नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि रविवार को त्रात प्रांत के बान नोंग री इलाके में एक अभियान में एक मरीन सैनिक लैंडमाइन पर पैर पड़ने से घायल हो गया। प्रवक्ता ने कहा कि यह घटना दिखाती है कि कंबोडिया की ओर से अब भी लैंडमाइन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
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