डॉक्टर ने बचाई 332 बच्चों की जान, गले से निकाले सिक्के
छतरपुर। कहते हैं डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं, और इस कथन को साकार किया है छतरपुर जिला अस्पताल में कार्यरत सर्जन डॉक्टर मनोज चौधरी ने। अपनी अद्वितीय सर्जिकल तकनीक और वर्षों के अनुभव से डॉक्टर चौधरी अब तक 332 बच्चों के गले से फंसे सिक्के निकालकर उनकी जान बचा चुके हैं।
बुधवार को हरपालपुर थाना अंतर्गत ग्राम तेहिया निवासी 3 वर्षीय हर्ष अहिरवार के साथ एक ऐसा ही हादसा हुआ। बच्चा घर पर खेलते हुए गलती से 5 रुपये का सिक्का निगल गया, जो उसकी आहार नली में फंस गया। परिवार ने बताया कि सिक्का गले में फंसने से बच्चा लगातार तीन दिन तक दर्द और तकलीफ में तड़पता रहा।
जब हालत बिगडऩे लगे तो परिजन हर्ष को छतरपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर मनोज चौधरी ने अपनी विशेष तकनीक और चिकित्सा टीम की मदद से बिना सर्जरी किए सिक्के को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया। अब बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है और घर लौट चुका है।
डॉक्टर चौधरी ने बताया कि बच्चों द्वारा सिक्के निगलने की घटनाएं आम होती जा रही हैं, लेकिन समय पर उचित उपचार न मिलने पर यह जानलेवा बन सकती हैं। उन्होंने एक विशेष एंडोस्कोपिक तकनीक विकसित की है, जिसकी मदद से बिना चीरे के गले में फंसी वस्तु को बाहर निकाला जा सकता है।
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