बजरी माफिया और अवैध खनन पर कार्रवाई का सरकार ने दिया भरोसा
जयपुर |बजरी माफिया पर कार्रवाई, किसानों को मुआवजा और प्रशासनिक अफसरों पर एक्शन की मांग को लेकर जयपुर कूच पर निकले नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने आखिरकार आंदोलन स्थगित करने का ऐलान कर दिया है। बुधवार तड़के करीब 5 बजे प्रशासन के साथ हुई वार्ता में मांगों पर लिखित सहमति बनने के बाद बेनीवाल ने जयपुर कूच और किसानों का आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।हनुमान बेनीवाल मंगलवार शाम करीब 2000 गाड़ियों के विशाल काफिले के साथ नागौर से जयपुर के लिए रवाना हुए थे। रियांबड़ी और मेड़ता क्षेत्र के किसानों की छह सूत्रीय मांगों को लेकर बीते आठ दिनों से आंदोलन चल रहा था। प्रशासन को 4 बजे तक का अल्टीमेटम देने के बाद जब मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं मिला, तो बेनीवाल ने जयपुर कूच का फैसला किया।
बाड़ी घाटी में रुका काफिला, देर रात चली वार्ता
मंगलवार रात करीब साढ़े 9 बजे सांसद का काफिला नागौर जिले के अंतिम गांव बाड़ी घाटी में टोल प्लाजा के पास हाईवे किनारे रुक गया। यहां रात करीब 11:30 बजे अजमेर रेंज आईजी राजेंद्र सिंह, नागौर जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित और एसपी मृदुल कच्छावा वार्ता के लिए पहुंचे। अधिकारियों और सांसद के बीच रात डेढ़ बजे तक बातचीत चली, लेकिन कई अहम बिंदुओं पर सहमति नहीं बन पाई।इसके बाद प्रशासन के आग्रह पर काफिला वहीं रुका रहा। बुधवार सुबह करीब 5 बजे एक बार फिर बातचीत हुई, जिसमें रियांबड़ी एसडीएम सूर्यकांत भी मौजूद रहे। इस बार सभी प्रमुख मांगों पर लिखित सहमति बनने के बाद बेनीवाल ने आंदोलन स्थगित करने का ऐलान कर दिया।
क्या रही सहमति की प्रमुख बातें
हनुमान बेनीवाल ने बताया कि बजरी माफिया के खिलाफ ड्रोन सर्वे और मैनुअल जांच के लिए एक दिन बाद टीमें लगा दी जाएंगी। अवैध खनन में लिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही खनन, राजस्व और पुलिस विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होगी।किसानों से जुड़ी मांगों पर भी सहमति बनी है। मेड़ता और रियां क्षेत्र के जिन गांवों को पिछले साल का आपदा राहत मुआवजा और बीमा क्लेम नहीं मिला, उन्हें शीघ्र भुगतान किया जाएगा। रेलवे द्वारा अधिग्रहित भूमि के मुआवजे और गोचर भूमि से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।
प्रशासनिक अफसरों पर कार्रवाई की मांग
बेनीवाल की मांगों में डेगाना एसडीएम, डेगाना डीएसपी और माइनिंग इंजीनियर राकेश शेषमा सहित अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई का मुद्दा भी शामिल था। इस पर प्रशासन ने जांच कर उचित कदम उठाने का लिखित आश्वासन दिया है। कथित रूप से गलत तरीके से आवंटित 14 हजार बीघा गोचर भूमि के मामले में भी समीक्षा और कार्रवाई पर सहमति बनी।
बेनीवाल बोले- दो-तीन दिन में दिखेगा असर
वार्ता के बाद सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा, “कलेक्टर और एसपी से बातचीत के बाद हमारी मांगों पर लिखित सहमति बनी है। बजरी माफिया के खिलाफ सर्वे के लिए टीमें लगेंगी और आगामी दो-तीन दिन में सारे काम शुरू हो जाएंगे। किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।”
जयपुर कूच क्यों रोका गया
बेनीवाल ने कहा कि प्रशासन ने सकारात्मक रुख दिखाया, इसलिए जयपुर कूच का फैसला वापस लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर सहमति का पालन नहीं हुआ तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा। इससे पहले बेनीवाल ने कहा था कि अगर बाड़ी घाटी में वार्ता विफल होती है तो वे निश्चित रूप से जयपुर पहुंचेंगे।
आंदोलन खत्म, लेकिन चेतावनी बरकरार
सुबह 5 बजे बनी सहमति के साथ ही हनुमान बेनीवाल ने जयपुर कूच स्थगित कर आंदोलन समाप्त करने का ऐलान कर दिया। हालांकि उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह सिर्फ स्थगन है, समाप्ति नहीं। यदि प्रशासन ने वादों पर अमल नहीं किया तो किसान और युवा फिर सड़कों पर उतरेंगे।
सदन में पेपर लीक पर छिड़ सकती है बहस, सरकार-विपक्ष के बीच बनी सहमति
केजरीवाल बोले- पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में किया बड़ा सुधार, भाजपा पर साधा निशाना
'अब सिर्फ पीओके की बात होगी'— कारगिल वॉर मेमोरियल से राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को कड़ा अल्टीमेटम
पर्यटकों को इतिहास के नाम पर ठगा, नकली रोमन थिएटर का राज 10 साल बाद खुला
विश्व कप में भारतीय शूटिंग टीम का शानदार प्रदर्शन, ईशा सिंह को स्वर्ण और मनु भाकर को कांस्य
विश्वकप और एशियाड मिशन के लिए सख्त अनुशासन, सविता ने बताई टीम की खास तैयारी
'स्ट्रीट फाइटर' वाले बयान से गरमाई राजनीति, धर्मेंद्र प्रधान ने दिया जवाब
किसानों के लिए बड़ी राहत, मुख्यमंत्री ने 82 लाख से अधिक किसानों को भेजी ₹3300 करोड़ की सहायता राशि
यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता, इंडिगो फ्लाइट की राजकोट में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग