छेड़छाड़, मारपीट और भ्रष्टाचार के खिलाफ किया प्रदर्शन
छतरपुर। सोमवार को कुशवाहा समाज ने जिला मुख्यालय पर एकजुट होकर पुलिस प्रशासन के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया। समाज के सैकड़ों लोगों ने शहर में विरोध रैली निकाली और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जिले के विभिन्न थानों में कुशवाहा समाज के लोगों के साथ हो रहे अन्याय और अपराधों पर पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है, उल्टा पीडि़तों से ही पैसों की मांग की जा रही है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई और पीडि़तों को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने आए लोगों का नेतृत्व कर रहे समाज के युवा आशीष कुशवाहा ने बताया कि पिपट थाना क्षेत्र में समाज की एक महिला के साथ गत 6 जनवरी को मंदिर जाते समय गांव के ही नीरज शुक्ला, रज्जू शुक्ला और अवध शुक्ला ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। आरोपियों ने बुरी नीयत से उनके कपड़े तक फाड़ दिए। जब उनके बेटे बचाने आए, तो उन्हें भी लाठी-डंडों से पीटा गया। जब वह थाना पिपट पहुंची तो वहां पदस्थ एक पुलिसकर्मी ने रिपोर्ट लिखने के बदले रुपये मांगे और एफआईआर दर्ज करने के बजाय केवल एनसीआर काटकर मामला टाल दिया। इसी तरह ईशानगर थाना क्षेत्र के ग्राम पहाडग़ांव में 17 वर्षीय राहुल कुशवाहा के साथ पुष्पेंद्र जयवार ने खेल के विवाद में बेरहमी से मारपीट की और कट्टा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। इस घटना से डरा हुआ किशोर घर छोड़कर बागेश्वर धाम चला गया था। परिजनों का आरोप है कि ईशानगर थाने में शिकायत करने पर मुंशी ने उल्टा पीडि़त के पिता को ही बच्चे पर चोरी का मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देकर भगा दिया। इसके अलावा ज्ञापन में खजुराहो मामले में मुआवजे की मांग उठाई गई है। कुशवाहा समाज ने खजुराहो में दूषित भोजन के कारण हुई समाज के दो लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। समाज ने मांग की है कि पीडि़त परिवारों को शासन की ओर से 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को नगर पालिका में सरकारी नौकरी प्रदान की जाए। कुशवाहा समाज के प्रतिनिधियों ने एसपी से मांग की है कि भ्रष्ट पुलिस कर्मियों पर विभागीय जांच बिठाई जाए और आरोपियों को तत्काल जेल भेजा जाए। प्रशासन की ओर से जल्द ही उचित वैधानिक कार्यवाही का आश्वासन दिया गया है।