पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाई संदिग्ध मौत की गुत्थी
छतरपुर। दो दिन पहले कोतवाली थाना क्षेत्र में पठापुर रोड पर संदिग्ध अवस्था में फांसी के फंदे पर लटकी मिली महिला की मौत की गुत्थी को पुलिस ने मात्र 48 घंटे में सुलझा लिया है और इसके साथ ही रिश्तों को कलंकित करने वाली कहानी सामने आई है। बताया गया है कि महिला ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसके दो सौतेले बेटों ने मिलकर उसकी हत्या की थी। चूंकि दोनों आरोपी नाबालिग हैं, जिसके चलते शनिवार को उन्हें बाल न्यायालय में पेश किया गया।
यह है मामला
प्राप्त जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत देरी के पूर्व सरपंच कौशलेन्द्र सिंह उर्फ बबलू ने दो शादियां की थीं। उनकी पहली पत्नी का नाम श्रीमती कमल सिंह है, जिसके दो पुत्र हैं। दूसरी पत्नी का नाम ममता सिंह है, जिसके साथ कौशलेन्द्र सिंह वर्तमान में छतरपुर के पठापुर रोड पर रहते थे। कुछ माह पहले कौशलेन्द्र सिंह की पहली पत्नी कमल सिंह के दोनों नाबालिग पुत्रों ने अपनी सौतेली मां ममता सिंह पर चाकू और तलवार से जानलेवा हमला किया था। जेल से बाहर आने के बाद पुन: उक्त लड़के ममता सिंह के साथ लगातार विवाद कर रहे थे। गत बुधवार की देर रात कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि ममता सिंह का शव उनके घर में फांसी के फंदे पर लटका हुआ है। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी अरविंद दांगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। थाना प्रभारी अरविंद दांगी ने बताया कि पुलिस ने संदेह के आधार पर कौशलेन्द्र सिंह की पहली पत्नी के दोनों नाबालिग पुत्रों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की, जिसमें दोनों ने ममता सिंह की हत्या का अपराध कबूल कर लिया। कार्यवाही में थाना प्रभारी के अलावा उप निरीक्षक नंदकिशोर सोलंकी, सहायक उप निरीक्षक गिरजेश राजा, प्रधान आरक्षक मनीष त्रिपाठी, आरक्षक संदीप, कपीन्द्र एवं पुलिस टीम की भूमिका रही।