छतरपुर में ओवरलोडिंग पर नहीं लग रहा अंकुश, आरटीओ की कार्रवाई सवालों के घेरे में
छतरपुर। शहर में आरटीओ विभाग की अनदेखी के चलते सड़कों पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कंडम (पुरानी और जर्जर) बसें बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ रही हैं, जिनमें न केवल ओवरलोड सवारियां भरकर लाई जा रही हैं, बल्कि बसों की छतों पर भारी मात्रा में सामान भी लादा जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ये ओवरलोड बसें दुर्घटनाओं को न्यौता दे रही हैं, लेकिन आरटीओ विभाग मौन है। गौर करने वाली बात यह है कि जिन वस्तुओं को नियमों के अनुसार इस प्रकार से ढोया ही नहीं जा सकता, वे भी धड़ल्ले से इन बसों पर लादी जा रही हैं।
इस पूरे मामले में जब आरटीओ अधिकारी मधु सिंह से बात की गई, तो उनका कहना था कि समय-समय पर विभाग की ओर से चालानी कार्रवाई की जाती है। हालांकि, धरातल पर इन कार्रवाइयों का असर नजर नहीं आ रहा।
सवाल यह उठता है कि जब सड़कों पर कानून को इस तरह खुलेआम तोड़ा जा रहा है, तो विभाग की कार्रवाई महज कागजों तक ही सीमित क्यों है? प्रशासन को इस ओर सख्त कदम उठाने की जरूरत है ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
विधानसभा में सुरक्षा व्यवस्था का सख्त खाका तैयार, संवेदनशील सत्र से पहले हाई सिक्योरिटी प्लान लागू
न्याय न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी, मासूम की गुहार
असम में ‘मिया’ मुसलमानों को लेकर क्यों तेज हुई सियासी मुहिम? विवादित वीडियो से बढ़ा राजनीतिक टकराव
अधिकारी की छवि खराब करने की साजिश? थाने में दिया आवेदन
वाराणसी कचहरी में बम धमकी से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
कुक स्ट्रेट फतह करने वाले पहले एशियन पैरास्विमर बने सतेंद्र, 9 घंटे 22 मिनट में रचा इतिहास
IAS बनकर मंत्रालय पहुंचा युवक, पूछताछ में फंसा, पुलिस ने लिया हिरासत में
राज्यसभा में कांग्रेस के भीतर तकरार, खरगे और जयराम रमेश के बीच तीखी बहस
जयपुर में दिल दहला देने वाली वारदात, पिता ने 8 महीने की मासूम की हत्या की