सिल्की और शाइनी होंगे बालों सत्तू का करे इस्तेमाल
गर्मियों में बढ़ता तापमान न सिर्फ सेहत को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि हमारी त्वचा और बालों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। इतना ही नहीं, सूरज की हानिकारक UV Rays से बाल ड्राई और डैमेज हो जाते हैं। आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि डाइट में कुछ चीजों को शामिल कर आप अपने बालों को हेल्दी बनाए रख सकते हैं। इससे वे लंबे, घने और मजबूत भी बनेंगे। आज हम आपको सत्तू के बारे में बताने जा रहे हैं। सत्तू आपके बालों की सेहत को सुधारने में मदद कर सकता है। प्रोटीन, फाइबर, आयरन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर सत्तू न सिर्फ शरीर को ताकत देता है बल्कि बालों को भी मजबूती, लंबाई और शाइनी बनाता है। आज हम आपको अपने इस लेख में बताएंगे कि ये आपके बालों को कैसे फायदा पहुंचाता है।
सत्तू काे एक तरह से सुपरफूड माना जाता है। जिसमें कई आवश्यक पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, आयरन, बायोटीन, फाइबर ओमेगा 3 फैटी एसिड, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस बालों को मजबूती प्रदान करते हैं।
बालों की ग्रोथ को बढ़ाता है
सत्तू में मौजूद प्रोटीन और आयरन स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाकर हेयर फॉलिकल्स को पोषण देता है। इससे बालों की ग्रोथ तेज होती है और वे जल्दी लंबे होने लगते हैं।
बालों का झड़ना भी रोके
बाल झड़ने का एक मुख्य कारण पोषण की कमी भी होती है। ऐसे में सत्तू इस कमी काे पूरा कर सकता है। सत्तू में मौजूद आयरन और बायोटिन बालों को झड़ने से राेकते हैं।
डैंड्रफ से दिलाए राहत
सत्तू की तासीर ठंडी होती है। ये शरीर के गर्मी काे कंट्रोल करता है। ठंडा प्रभाव शरीर में गर्मी को नियंत्रित करता है, जिससे स्कैल्प हेल्दी रहता है और डैंड्रफ की समस्या नहीं होती। साथ ही, यह स्कैल्प पर मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करता है।
बालों को बनाए शाइनी और सिल्की
सत्तू में मिनरल्स अधिक मात्रा में होते हैं। यही कारण है कि सत्तू बालों को अंदर से मॉइश्चराइज करता है। इससे वे रूखे और बेजान नहीं नजर आते हैं। रोजाना सत्तू का सेवन करने से बाल नेचुरली शाइनी और सिल्की हो जाते हैं।
ऐसे करें सत्तू का इस्तेमाल
रोजाना सुबह खाली पेट सत्तू का पानी या शरबत पीने से बालों को सभी जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं।
सत्तू को हेयर मास्क के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
अगर आप बालों की हेल्थ को सुधारना चाहते हैं, तो सत्तू को अपनी डेली डाइट में शामिल करें। आप इसे पराठा, लड्डू, चीला या सूप के रूप में भी खा सकते हैं।
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