गूगल सर्च के लिए यूजर्स को मिलेगा नया एआई मोड
नई दिल्ली। गूगल सर्च के लिए यूजर्स को अब नया एआई मोड ऑफर किया जा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक नया फीचर यूजर्स को जेमिनी एआई से पावर्ड चैटबॉट जैसा रिस्पॉन्स देगा। गूगल ने इस फीचर को डिवेलपर कॉन्फ्रेंस में पेश किया गया। इस फीचर के आने से यूजर्स को सर्च पेज पर चैट-बेस्ड इंटरफेस में टॉगल करने का ऑप्शन मिल गया है। यह गूगल के इन्फर्मेशन ऑफर करने के तरीके में बदलाव है। इससे पता चलेगा कि कंपनी ओपनएआई, माइक्रोसॉफ्ट और ऐपल को एआई की दुनिया में कड़ी टक्कर देने के मूड में है।
गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि यह ज्यादा अडवांस्ड रीजनिंग के साथ सर्च का पूरी तरह से रीइमैजिनेशन है। उन्होंने कहा कि हम अब एआई प्लेटफॉर्म शिफ्ट के एक नए फेज में एंटर कर रहे हैं जहां दशकों की रिसर्च अब वास्तविकता बन रही है। गूगल का यह ऐक्शन चैटजीपीटी जैसे जनरेटिव एआई टूल के लिए एक रिएक्टिव रिस्पॉन्स है, जो सवालों का नैचरल लैंग्वेज में उत्तर देते हैं और अलग-अलग वेब पेजों पर क्लिक करने की जरूरत को कम करते हैं। इस बदलाव ने पहले ही बहुत नुकसान पहुंचाया है।
ऐपल के एक एग्जिक्यूटिव ने हाल में कहा था कि सफारी ब्राउजर में गूगल सर्च ट्रैफिक 20 सालों में पहली बार कम हुआ है। गूगल के ऐड-बेस्ड बिजनेस मॉडल के लिए यह एक झटका है। एआई मोड अब मेन गूगल सर्च इंटरफेस के अंदर एक टैब के तौर पर उपलब्ध हो गया है। यह यूजर्स को चैटजीपीटी जैसा चैटबॉट अनुभव करता है। यह फीचर गूगल के मेन एआई मॉडल जेमिनी से पावर्ड है। गूगल के मुताबिक नया यूजर इंटरफेस बेहतर रीजनिंग और कॉन्टेक्स्ट-बेस्ड सवालों को सपोर्ट करता है। फीचर्स के अगले सेट में यूजर्स को अपनी खुद के फोटो को अपलोड करने और शॉपिंग के दौरान आउटफिट्स को वर्चुअली ट्राई करने का ऑप्शन मिलेगा।
गूगल के सर्च प्रोडक्ट के वाइस प्रेसिडेंट ने कहा कि कंपनी इस बात पर भी विचार कर रही है कि ऐड्स को एआई मोड में कैसे इंटीग्रेट किया जाए। उन्होंने कहा कि हम इसे उस कॉन्टेंट का हिस्सा मानते हैं जिसे लोग वाकई में पसंद करते हैं। गूगल ओपनएआई की बराबरी करने की कोशिश कर रहा है, जिसने 2022 में अपना चैटजीपीटी लॉन्च किया था और यह कुछ ही समय में पॉप्युलर एआई प्रोडक्ट बन गया। हाल के महीनों में जेमिनी ने भी उपयोगकर्ताओं को अपनी तरफ खींचा है, लेकिन यह अभी भी यूजर अडॉप्शन में चैटजीपीटी से पीछे है। गूगल माइक्रोसॉफ्ट से भी पीछे है, जिसने ओपनएआई पर अरबों खर्च किए और अपने मॉडल को बिंग और ऑफिस ऑफरिंग में डाला। पिचाई ने कहा कि गूगल को उम्मीद है कि वह इस साल ऐपल के साथ एग्रीमेंट फाइनल कर लेगा, ताकि सीरी के जरिए जेमिनी को उपलब्ध कराया जा सके। बता दें गूगल का नया फीचर अभी अमेरिकी यूजर्स के लिए उपलब्ध है।
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