छतरपुर। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन पूर्व विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. बृजेंद्र सिंह गौतम मानव संसाधन प्रमुख डॉ. शिवेंद्र सिंह परमार, जंतु विज्ञान की सहायक प्राध्यापक डॉ. मनीषा नाहर ने सर्वप्रथम मॉं सरस्वती की प्रतिमा एंव सी.वी. रमन की प्रतिमा पर मलर््यापण किया और दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का प्रारंभ किया। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर श्रीकृष्णा विश्वविद्यालय में दो दिवसीय कार्यक्रमों के अंतर्गत 27 फरवरी को विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों ने विज्ञान से सबंधित विभिन्न प्रोजेक्ट (मॉडल),रंगोली व पोस्टर प्रीतियोगिता का आयोजन किया गया जिसका मूल्यांकन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ बृजेन्द्र सिंह गौतम ने किया और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की महत्ता के बारे में बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, महान वैज्ञानिक नोबेल पुरस्कार विजेता सर सी वी रमन जी द्वारा रमन इफ़ेक्ट की खोज के लिए मनाया जाता है। हम सभी शिक्षकों व विद्यार्थियों का यह कर्तव्य बनता है कि इस अवसर पर वैज्ञानिक सोच के प्रति जागरूकता बढ़ाए और इस दिन को सार्थक बनाएं।
28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर एक ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसके मुख्य वक्ता प्रोफेसर सिद्धार्थ कुमार मिश्रा बायोकेमेस्ट्री विभाग लखनऊ विश्वविद्यालय एंव विशेष वक्ता विशेष वक्ता डॉ. हृदयेश अनुरागी सहायक प्राध्यापक केन्द्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान झॉसी रहें। श्रीकृष्णा विश्वविद्यालय के साभागार में आयोजित संगोष्ठी में विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ. कल्पना बघेल रिसर्च एसोसिएट (आई सी एम. आर ) डॉ. हरी सिंह गौर विश्वविद्यालय सागर तथा डॉ. नेहा अवस्थी सहायक प्राध्यापक, वानस्पति विज्ञान शासकीय बापू महाविद्यालय नौगॉव उपस्थित रहें।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर सिद्धार्थ कुमार मिश्रा बायोकेमेस्ट्री विभाग लखनऊ विश्वविद्यालय ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह दिन राष्ट्र के वैज्ञानिकों के योगदान कों सम्मान करने और उनसे प्रेरणा लेने का दिन है साथ ही साथ यह छात्रों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी की दुनिया से जुडऩे के लिए प्रोत्साहित करता है। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का उद्देश्य विज्ञान और भविष्य को आकार देने में इसकी भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। विशेष वक्ता डॉ. हृदयेश अनुरागी सहायक प्राध्यापक केन्द्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान संस्थान झॉसी ने अपने वक्तव्य में कहा कि हमें वैश्विक चुनौतियों को हल करने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में वैज्ञानिक अनुसंधान के महत्व की याद दिलाता है। इस दिन को मनाकर, हमारा उद्देश्य युवा पीढ़ी को विज्ञान में रुचि विकसित करने, गंभीरता से सोचने और समाज को लाभ पहुंचाने वाली समस्याओं को हल करने में योगदान देने के लिए प्रेरित करना है।