छतरपुर। विद्युत विभाग की मनमानी से ग्रामीणों की परेशानी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। निवारी गांव के लोगों ने अधिक बिजली बिल आने के विरोध में मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर को आवेदन सौंपा और बिलों में सुधार की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग से कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीण मोहनलाल चौरसिया ने बताया कि वे अकेले रहते हैं, किसी प्रकार का काम-धंधा नहीं करते। उन्हें मात्र 600 रुपए पेंशन मिलती है, जबकि इस महीने बिजली का बिल 1200 से अधिक आया है। घर में सिर्फ एक बल्ब जलता है, फिर भी इतना बड़ा बिल आ गया। उन्होंने कई बार सौंरा रोड पावर हाउस और एमपीईबी में शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
इसी तरह ग्यासीलाल अहिरवार ने बताया कि पहले गांव में बिजली बिल 100 रुपए तक आता था, लेकिन अब हर घर का बिल 1200 से 1300 रुपए तक आने लगा है। गांव के अधिकांश लोग खेती-बाड़ी और मजदूरी कर अपना जीवन-यापन करते हैं। दिनभर बिजली भी ढंग से नहीं आती और ऊपर से हजारों का बिल थमा दिया जाता है। हम लोगों ने जनसुनवाई में आवेदन दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बिलों में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि वास्तविक खपत के अनुसार बिल बनाया जाए और गरीब परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न डाला जाए। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और कलेक्टर से तत्काल कार्रवाई की मांग की।