छतरपुर। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शहर के प्राचीन दूधनाथ मंदिर में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। स्थानीय मोहल्लावासियों द्वारा जीर्णोद्धार और शिवलिंग की पुनस्र्थापना के बाद यह मंदिर शहर की प्रमुख आस्था स्थली बन चुका है। यहां धार्मिक गतिविधियां निरंतर बढ़ रही हैं और महाशिवरात्रि पर भव्य आयोजन होते हैं।
मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से फूलों, लाइटों और रंग-बिरंगे सजावट से सजाया गया था। सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं, जो भगवान शिव के दर्शन के लिए उत्सुक थे। भक्तों ने शिवलिंग पर दूध, बेलपत्र, जल और अन्य सामग्री अर्पित कर सुख-समृद्धि तथा मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की। विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और हवन का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और दिव्य हो उठा। शाम को महाआरती के साथ विशाल भंडारा और 56 भोग का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और एक-दूसरे के साथ भक्ति भाव साझा किया।
मोहल्लावासियों ने बताया कि मंदिर के पुनर्निर्माण के बाद से हर वर्ष महाशिवरात्रि पर ऐसे भव्य आयोजन होने लगे हैं। इससे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह, एकता और सामाजिक सद्भाव का सुंदर वातावरण बनता है। शहर के मध्य में स्थित यह मंदिर अब स्थानीय लोगों के लिए आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र बन चुका है।