राजभवन घेराव का किया गया ऐलान
रायपुर|छत्तीसगढ़ विधानसभा में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पास हो गया है. वहीं इस विधेयक के विरोध में संयुक्त मसीही समाज के द्वारा नवा रायपुर स्थित तूता धरना स्थल में प्रदर्शन किया जा रहा है. समाज के लोग सैकड़ों की संख्या में धरना स्थल पहुंचे हैं. इसके बाद राजभवन का घेराव भी करेंगे|
धर्मांतरण विधेयक को लेकर संयुक्त मसीही समाज का प्रदर्शन
संयुक्त मसीही समाज छत्तीसगढ़ द्वारा ‘धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026’ के विरोध में नवा रायपुर स्थित तूता धरना स्थल में प्रदर्शन कर रहे हैं. हजारों मसीहियों की महती सभा में समाज के प्रमुख पदाधिकारियों ने विधेयक के विरोध, धार्मिक स्वतंत्रता एवं आगामी रणनीतियों के संबंध में अपनी बात रखी. वक्ताओं ने संविधान के अनुच्छेद 25 का पूर्ण पालन करने, सभी धर्मों को समान सुरक्षा और सम्मान देने, धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप बंद करने, किसी समुदाय विशेष के साथ भेदभाव न करने, झूठे मामले दर्ज कर उत्पीड़न पर रोक लगाने और मानवाधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की|
क्या है धर्मांतरण विधेयक?
- छत्तीसगढ़ विधानसभा में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पास हो गया है.
- इसके तहत अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने के मामलों में दोषी पाए जाने पर 7 से 10 साल तक की जेल और कम से कम 5 लाख रुपए जुर्माना लगाया जाएगा.
- अगर धर्मातंरण नाबालिग, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग का होगा तो 20 साल जेल और न्यूनतम 10 लाख जुर्माना देना होगा.
- वहीं, सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में 10 साल से लेकर आजीवन कारावास होगी और 25 लाख रुपए जुर्माना लगेगा.
- सरकार ने कहा की बिल का मकसद प्रलोभन, धोखाधड़ी या गलत जानकारी देकर कराए जाने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाना है.
- विधेयक के मुताबिक अब छत्तीसगढ़ में स्वेच्छा से धर्मांतरण करने वाले व्यक्ति को कम से कम 60 दिन पहले कलेक्टर को आवेदन देना होगा.
- ये नियम केवल धर्म बदलने वाले पर ही नहीं, बल्कि अनुष्ठान कराने वाले पादरी, मौलवी भी लागू होगा..उन्हें भी 2 महीने पहले प्रशासन को सूचित करना होगा. बिना सूचना के धर्मांतरण कराया गया तो इसे ‘अवैध’ माना जाएगा और तत्काल गिरफ्तारी होगी|
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076: सीसी रोड बनने से ग्रामीणों को मिली राहत
गुणवत्ता, समयबद्धता और जवाबदेही से पूर्ण हों सभी सेतु निर्माण परियोजनाएं : लोक निर्माण मंत्री सिंह
संतों की वाणी से बेहतर जीवन का मार्ग प्रशस्त होता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बुलडोजर एक्शन पर टिप्पणी को लेकर विवाद, अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ीं
असम में जलप्रलय जैसे हालात, 50 लोगों की मौत, ऊपरी जिलों में भारी तबाही
US बेस के पास धमाकों के बाद हाई अलर्ट, वेस्ट बैंक हिंसा ने बढ़ाई बेचैनी
वार्ता का पहला दौर खत्म, इस्तीफे की मांग पर CJP और सरकार आमने-सामने
21 कर्मचारियों की बर्खास्तगी पर मचा बवाल, जेपी अस्पताल में तनावपूर्ण माहौल
अनुकंपा नियुक्ति मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, विवाहित बेटी के पक्ष में फैसला