आचार्य विद्यासागर के योगदान को मान्यता देने के लिए सिक्का जारी
केंद्रीय:गृहमंत्री अमित शाह एक दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हुए हैं। उनका यह दौरा पहली नजर में धार्मिक माना जा रहा है। इसकी वजह है कि वह गुरुवार के दिन चंद्रगिरी स्थित जैन संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी महाराज की प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव में शामिल हुए। इसके बाद वह मां बम्बलेश्वरी मंदिर पहुंच पूजा अर्चना भी की दरअसल, गृहमंत्री अमित शाह जिले के डोंगरगढ़ चंद्रगिरी में आयोजित प्रथम समाधि स्मृति महोत्सव में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के समाधि स्थल पर पहुंच कर पूजा अर्चना की है। इसके बाद जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यहां देश भर के अनुयायी आये हुए हैं। मैं सभी को नमन करता हूं।
आचार्य का जीवन राष्ट्र को समर्पित
जैन संत के अनुयायी को संबोधित करते हुए गृहमंत्री ने कहा कि आचार्य विद्यासागर जी महाराज के जीवन का क्षण-क्षण और शरीर का कण-कण राष्ट्र को समर्पित रहा है। तप और साधना से उन्होंने देश को विश्व में पहचान दिलाई है। उन्होंने आगे कहा कि महाराज जी केवल संत नहीं थे। वे ऐसे विद्वान पुरुष थे जिन्होंने नए विचार को जन्म दिया है।
सिक्का और डाक टिकट जारी
जैन संत शिरोमणि विद्यासागर जी महाराज के प्रथम समाधि स्मृति कार्यक्रम में पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह ने आचार्य विद्यासागर महाराज की तस्वीर वाला 100 रूपये का सिक्का जारी किया गया,108 पदचिन्हों का विमोचन और 5 रुपए का डाक टिकट जारी किया है।
सभी को एक करने का काम जैन मुनियों ने किया
गृहमंत्री ने कहा कि सभी लोगों को एक करने का काम जैन मुनियों ने किया है। आचार्य जी का जीवन धर्म,संस्कृति और राष्ट्र को समर्पित है। मैं ऐसे महान संत को मैं प्रणाम करने आया हूं। संत शिरोमणि की लिखी मूकमाटी में अनेक लोगों ने पीएचडी की है।
मैं आचार्य की कही बात दोहराना चाहता हूं कि भोजन के थाल में जितने व्यंजन होते हैं वह उतना ही अच्छा होता है। भारत में अलग अलग धर्म संस्कृति है जो अपने में अलग है। आचार्य जी ने कई लोगों को प्रेरित किया है। उनके कई अनुयायी है। उन ढेर सारे अनुयायी में मैं भी एक अनुयायी हूं। यह समाधि स्थल पूरे विश्व में अपना नाम हो।
विद्यासागर महाराज की प्रथम समाधि स्मृति
आपको बता दें कि जैन संत शिरोमणि विद्यासागर जी महाराज ने 18 फरवरी के दिन डोंगरगढ़ के चंद्रगिरी तीर्थ में समाधि ली थी। हालांकि उस दिन जो तिथि थी उसके चलते 6 फरवरी को उनकी समाधि के एक वर्ष पूरे हो रहे हैं। एक वर्ष पूर्ण होने पर चंद्रिगिरी तीर्थ पर 1 से 6 फरवरी त कर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मां बम्बलेश्वरी मंदिर पहुंच किए दर्शन
चंद्रगिरी स्थित प्रतिभास्थली में कार्यक्रम के बाद जैन संतों के साथ भोजन किया इसके बाद वे मां बम्बलेश्वरी मंदिर के लिए निकल गए। यहां उन्होंने मां बम्बलेश्वरी के दर्शन कर पूजा अर्चना की। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान सीएम साय, वित्तमंत्री ओपी चौधरी और सांसद मौजूद रहे।
क्यों खास माना जा रहा दौरा
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। यहां 11 फरवरी के दिन राज्य में वोटिंग भी होनी है। ऐसे में चुनाव मतदान से पहले गृहमंत्री का दौरा खास माना जा रहा है। धार्मिक कार्यक्रम से फुर्सत पाने के बाद वह सीएम और मंत्रियों के साथ निकाय चुनाव पर भी चर्चा कर सकते हैं। विधानसभा चुनाव में बंपर जीत के बाद निकाय चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव जरूर रहेगा।
पंजाब कांग्रेस में हलचल तेज, बैठक टलने के बाद अचानक फिर बुलाई गई
सरकार से संवाद की पहल, सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए रखी शर्त
समाजवादी पार्टी की महिला नेता सीमा राजभर पर बलिया में मुकदमा दर्ज, बढ़ीं मुश्किलें
शिवसेना के बागी सांसदों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, सुनवाई स्वीकार कर जारी किया नोटिस
जयशंकर ने QUAD मंच से क्या-क्या कहा? हिंद-प्रशांत, सुरक्षा और साझेदारी पर दिए अहम संदेश
'चड्डी-बनियान गैंग' फिर एक्टिव! रात में चोरी की वारदातों से लोगों में डर
रोजगार और परीक्षाओं पर राहुल गांधी का वार, पेपर लीक को लेकर सरकार पर साधा निशाना
भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट की एंट्री, अर्जी पर सुनवाई से बढ़ी उम्मीदें
अनियमितताओं पर शिकंजा, नगर निगम ने शुरू की बिल्डिंग नक्शों की जांच
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर विरोध करने पहुंचे दंपति हिरासत में, पुलिस ने बताई वजह