भोपाल में कृति सैनन का दौरा, स्कूल और पंचायत में विकास कार्यों का किया निरीक्षण
मध्य प्रदेश यह दिखा रहा है कि जेंडर समानता सिर्फ नीति नहीं, बल्कि जमीनी हकीकल कैसे बनती है. यह बदलाव स्कूलों, पंचायतों और पुलिस व्यवस्था में साफ दिख रहा है. आज यूएनएफपीए इंडिया की ऑनरेरी एम्बेसडर और अभिनेत्री कृति सैनन ने भोपाल में एक दिन के दौरे के दौरान छात्राओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की.
सरकारी सुभाष एक्सीलेस हायर सेकेंडरी स्कूल में कृति सैनन ने लाइफ-स्किल्स एजुकेशन कार्यक्रम देखा. यह कार्यक्रम किशोरों को स्वास्थ्य, रिश्तों, सही निर्णय लेने और मानसिक स्वास्थ्य जैसे जरूरी विषयों पर समझ देता है. इसमें ‘उज्ज्वल’ मॉड्यूल भी शामिल है. जो लड़कों और युवाओं को सम्मान और समानता की सीख देता है.
कृति ने शिक्षकों और छात्राओं से बातचीत की और कहा:
“युवा सिर्फ योजनाओं के लाभार्थी नहीं हैं, वे बदलाव के असली भागीदार हैं. सही जानकारी, सोच और आत्मविश्वास उन्हें बेहतर फैसले लेने में मदद करते हैं. खासकर जब हम लड़कों को भी इसमें शामिल करते हैं, तब ही असली बदलाव आता है.”
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ कृति सैनन ने महिला सरपंचो और पंचायत सदस्यों से यू एन हाउस ओपाल में मुलाकात की. इन महिलाओं ने बताया कि वे अपने क्षेत्रों में महिलाओं और लड़कियों के लिए बेहतर सुविधाएं बना रही हैं- जैसे स्वच्छता, लाइब्रेरी और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और स्ट्रीट लाइट. यह महिला और बालिका हितैषी पंचायत पहल का हिस्सा है, जिसे पूरे देश में बढ़ाया जा रहा है.
इसके बाद कृति सैनन ने मध्य प्रदेश पुलिस के महिला थाने का दौरा किया. यहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बातचीत की और जेंडर आधारित हिंसा से निपटने और समुदाय के साथ मिलकर काम करने के तरीकों पर चर्चा की.

अपने अनुभव साझा करते हुए कृति सैनन ने कहा कि असली बदलाव तब होता है जब युवाओं को सही जानकारी और आत्मविश्वास मिलता है. जमीनी स्तर पर महिलाओं का नेतृत्व समाज को सुरक्षित और बेहतर बनाता है. स्कूल, पंचायत और पुलिस, सभी को जेन्डर समानता पर साथ मिलकर काम करना होगा.
उन्होंने कहा आगे कहा “मध्य प्रदेश के बच्चे, शिक्षक, महिलाएं और पुलिस मिलकर एक नया रास्ता दिखा रहे हैं. जब हम लोगों में निवेश करते हैं और महिलाओं को आगे बढ़ाते हैं, तब जेंडर समानता सच बनती है. मैं इन कहानियों को पूरे देश तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हूं.”
यूएनएफपीए के बारे में
यूएनएफपीए संयुक्त राष्ट्र की संस्था है जो यौन और प्रजनन स्वास्थ्य पर काम करती है. इसका उद्देश्य है- हर गर्भधारण सुरक्षित और इच्छित हो, हर प्रसव सुरक्षित हो और हर युवा अपनी पूरी क्षमता हासिल कर सके
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