राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़
इंदौर। ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी हत्याकांड के आरोपी आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी ने शिलांग में कोर्ट के सामने चुप्पी साधते हुए बयान देने से इनकार कर दिया। जज ने जब पूछा कि क्या इस मामले में बयान देना चाहते हो, तो दोनों ने मना कर दिया।
पुलिस का कहना है कि भले ही आकाश व आनंद ने अपराध स्वीकार नहीं किया। कोर्ट में अपने बयान नहीं दिए, लेकिन थाने में पूछताछ के दौरान व क्राइम सीन रिक्रिएशन के दौरान दोनों ने कैमरे के सामने अपना अपराध कबूला है। इसके अलावा अन्य पुख्ता सबूत भी मेघालय पुलिस के पास हैं।
23 मई को हुई थी राजा की हत्या
बता दें कि 11 मई को शादी के बाद 20 मई को राजा रघुवंशी पत्नी सोनम के साथ शिलांग में हनीमून पर गए थे। वहां राजा की 23 मई को हत्या कर दी गई थी। इस मामले में शिलांग पुलिस ने यूपी के गाजीपुर से सोनम और इंदौर से उसके प्रेमी राज कुशवाहा के अलावा सुपारी किलर विक्की उर्फ विशाल, आनंद और आकाश को गिरफ्तार किया है।
आकाश और आनंद को न्यायालय में किया गया पेश
पिछले दिन पुलिस आकाश और आनंद को अपराध कबूलनामा के लिए शिलांग में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के सामने लेकर गई थी। एसआइटी प्रमुख हरबर्ट खरकोनगर ने बताया कि हम फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। इस तरह के अपराध में पुलिस के पास मौजूद मटेरियल साक्ष्य भी अहम होते हैं।
जांच प्रक्रिया जैसे ही पूरी होगी, हम चार्जशीट पेश करेंगे। पुलिस की तैयारी सोनम, राज व विशाल को भी न्यायाधीश के समक्ष ले जाने की थी लेकिन आकाश व आनंद के कोर्ट में चुप्पी साध लेने से इस प्रक्रिया को कुछ दिनों के लिए रोका गया है।
राशिफल 23 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
कृषि, पशुपालन और उद्यम से जुड़ी धरमजयगढ़ की महिलाएं अब स्थानीय बीजों और अनाजों से बना रहीं राखियां
विष्णुभोग चावल बना जीपीएम जिले का गौरव
रेल यात्रियों और मासूम बच्चों की सुरक्षा के प्रति जीआरपी की संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण
नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान को प्रदेशभर में मिल रहा जनसमर्थन
अवैध लकड़ी परिवहन पर वन विकास निगम की बड़ी कार्रवाई
मल्हार में खुली छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की नई शाखा
विश्व कप के रण में मध्यप्रदेश का गौरव: हॉकी इंडिया की विश्व कप टीम में हॉकी अकादमी के एसोसिएट खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद का चयन
मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई
स्वस्थ पशुधन, समृद्ध किसान: मुंगेली में 582 शिविरों से बदली पशुपालन की तस्वीर